इटावा में भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्यसमिति की घोषणा के बाद एक विवाद सामने आया है। एक सक्रीय सदस्य ने नाराजगी जाहिर की है। जिला महामंत्री पद पर हुई नियुक्ति को लेकर भाजपा नेता अंशुल दुबे ने असहमति जताते हुए सक्रिय कार्यकर्ता पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं में अन्य पदों पर कुछ लोगो को संगठन में जगह मिलने पर दबी जुबान में नाराजगी देखने को मिल रही है। जिला कार्यकारिणी की सूची जारी होने के बाद अंशुल दुबे ने जिला महामंत्री पद पर जितेंद्र गौड़ की नियुक्ति पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि जिन लोगों पर पहले से आरोप लगे हैं, उन्हें संगठन में अहम जिम्मेदारी देना सही नहीं है और इससे पार्टी की छवि प्रभावित हो सकती है। अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए अंशुल दुबे ने भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है और वह संगठन के इस फैसले से सहमत नहीं हैं। उनके इस्तीफे के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। अन्य कार्यकर्ताओं में नहीं दिखी नाराजगी इस पूरे मामले में पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं की ओर से किसी बड़े विरोध या असंतोष की बात सामने नहीं आई है। संगठन के अधिकांश पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने-अपने दायित्वों में सामान्य रूप से काम कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह विवाद फिलहाल व्यक्तिगत स्तर तक ही सीमित है। जिला महामंत्री ने आरोपों को बताया निराधार नवनियुक्त जिला महामंत्री जितेंद्र गौड़ ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें कोई जिम्मेदारी मिलती है, तब इस तरह के आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वायरल ऑडियो पुराना है और इसकी जांच के लिए पहले ही शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। संगठन की स्थिति सामान्य इस घटनाक्रम के बावजूद संगठन की गतिविधियां सामान्य बनी हुई हैं। फिलहाल पार्टी स्तर पर इस मामले को लेकर कोई बड़ा निर्णय सामने नहीं आया है, लेकिन अंशुल दुबे के इस्तीफे के बाद यह मामला चर्चा का विषय जरूर बना हुआ है।

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