कानपुर की आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र लंबे समय तक भाजपा का गढ़ माना जाता रहा। 2017 में यहां से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अमिताभ बाजपेई ने भाजपा के सलिल विश्नोई को हराकर जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2022 में भी उन्होंने सीट बरकरार रखी। हिंदू-मुस्लिम मिश्रित आबादी वाले इस क्षेत्र में कम अंतर से जीत हासिल करने वाले अमिताभ बाजपेई का कहना है कि इस बार उन्होंने इतना काम किया है कि 2027 में 25 हजार से अधिक वोटों से जीतने का लक्ष्य बनाया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने अपने कामकाज और आगामी चुनाव को लेकर खुलकर बात की। पढ़िए सवाल-जवाब… सवाल: 9 साल विधायक रहने के बाद अपने कामकाज को 10 में से कितने नंबर देंगे? जवाब: अपने आप को कोई भी कम नंबर नहीं देता। मेरे काम से जनता, हमारे कार्यकर्ता और मैं खुद भी संतुष्ट हूं। दैनिक भास्कर ने पहले भी सर्वे कराया था, उसमें मुझे उत्तर प्रदेश के टॉप 10 विधायकों में स्थान दिया गया था। जाहिर है कि जनता ने मुझे पसंद किया तभी ऐसा संभव हुआ। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जो अभी आपकी विधानसभा में कराना बाकी है? जवाब: कई काम अभी बाकी हैं। मेरी विधानसभा घनी आबादी वाला क्षेत्र है, इसलिए यहां जाम और प्रदूषण की समस्या सबसे बड़ी चुनौती है। यह शहर का मुख्य इलाका है, इसलिए इन समस्याओं का स्थायी समाधान तभी संभव है जब सरकार भी हमारी हो। हालांकि छोटे स्तर पर कई प्रयास किए गए हैं, लेकिन इसे व्यापक स्तर पर हल कराना मेरी प्राथमिकता रहेगी। सवाल: विधानसभा में सबसे बड़ा काम आपने कौन सा कराया? जवाब: मेरे दो कार्यकाल रहे हैं और दोनों में कई बड़े काम किए गए। सबसे पहले क्षेत्र में पेयजल की समस्या बहुत बड़ी थी। जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन के तहत बनी पानी की टंकियों में पानी ही नहीं पहुंचता था। फूलबाग, हटिया, गणेश शंकर पार्क, जीआईसी, चीना पार्क और मालवीय पार्क की टंकियों में गंगा बैराज से पानी की सप्लाई शुरू कराई गई। इसके अलावा क्षेत्र में सीवर की समस्या को भी काफी हद तक दूर कराया गया। पहले कार्यकाल में सभी पार्कों को साफ-सुथरा और हरा-भरा बनाने का काम किया गया। दूसरे कार्यकाल में शिक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया गया। सरकारी प्राइमरी स्कूलों को मॉडर्न स्कूल बनाने का काम किया गया। अस्पतालों में एसी लगवाए गए और खेल सुविधाओं के लिए बॉक्स क्रिकेट मैदान भी बनवाए गए। कुलीबाजार क्षेत्र में पहले न सीवर लाइन थी और न पानी की व्यवस्था। वहां सीवर लाइन डलवाई और पेयजल आपूर्ति शुरू कराई। सवाल: 2027 के विधानसभा चुनाव में आपकी दावेदारी क्या रहेगी? जवाब: इसमें कोई शक नहीं है। मेरी पार्टी को मुझ पर भरोसा है और जनता का भी विश्वास मेरे साथ है। लोग अक्सर कहते हैं—अमिताभ हैं तो भरोसा है। सवाल: क्या इस बार भी आपको टिकट मिलेगा? जवाब: इसमें शक करने की कोई वजह नहीं है। आप भी इस पर शक मत कीजिए। सवाल: आर्यनगर में मिश्रित आबादी है और जीत का अंतर कम रहा है, इस बार क्या स्थिति रहेगी? जवाब: मेरी विधानसभा में हिंदू और मुस्लिम आबादी लगभग बराबर है। पहले यहां से भाजपा के विधायक भी कम अंतर से ही जीते थे, करीब दो हजार वोटों से। मैंने भी एक बार 6 हजार और दूसरी बार करीब 8 हजार वोटों से जीत हासिल की। लेकिन इस बार तैयारी है कि कम से कम 25 हजार से ज्यादा वोटों से चुनाव जीतना है। हमने इससे कम का लक्ष्य नहीं रखा है।

Leave a Reply