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आरजी कॉलेज में चित्रकला विभाग द्वारा मेंटल वेल-बीइंग पर व्यख्यान:विभागाध्यक्ष ने कला शिक्षा को बताया ‘साइलेंट हीलर’

रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में सोमवार को चित्रकला विभाग द्वारा “आर्ट एजुकेशन फॉर एन्हान्सिंग मेंटल वेल बीइंग ” विषय पर विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्राचार्या प्रो. निवेदिता कुमारी के संरक्षण एवं निर्देशन में संपन्न हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में आई.एन.एम. पीजी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष आँचल सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि पेंटिंग, संगीत और मूर्तिकला जैसी कलात्मक गतिविधियाँ केवल शौक नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य सुधारने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि कला के माध्यम से मस्तिष्क में डोपामाइन का स्तर बढ़ता है, जिससे तनाव और चिंता कम होती है।उन्होंने कहा कि कला एक थेरेपी की तरह काम करती है, जो व्यक्ति को अपनी भावनाओं को सहज रूप से व्यक्त करने का अवसर देती है। विशेषकर युवाओं के लिए यह आत्म-निरीक्षण और मानसिक संतुलन बनाए रखने का प्रभावी साधन है। विभागाध्यक्ष ने अपने संबोधन में कला शिक्षा को ‘साइलेंट हीलर’ बताते हुए कहा कि सृजनात्मक कार्यों में संलग्न होने से मन वर्तमान में केंद्रित रहता है, जिससे मानसिक शांति मिलती है। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. पूनम लता सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कला को ‘आर्ट थेरेपी’ बताते हुए कहा कि इससे एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होता है। कार्यक्रम में बीए एवं एमए की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अंत में डॉ. नाजिमा इरफान ने अतिथियों एवं सभी उपस्थितों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. नाजिमा इरफान, डॉ. गरिमा कुमारी और डॉ. हिना यादव का विशेष योगदान रहा।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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