आनंद स्वरूप श्रीकृष्ण है परम सुख को देने वाले हैं:अयोध्या में इंद्रेश महाराज बोले- जन्म के बाद ब्रजवासी छह माह तक आनंद मनाते रहे
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आनंद स्वरूप श्रीकृष्ण है परम सुख को देने वाले हैं:अयोध्या में इंद्रेश महाराज बोले- जन्म के बाद ब्रजवासी छह माह तक आनंद मनाते रहे
आनंद ही श्री कृष्ण है। क्योंकि व्यास जी ने कहा कि नंद जी के घर लाला नहीं अपितु स्वयं आनंद श्री कृष्ण का ही जन्म हुआ । शास्त्र कहते है ब्रह्मानंदम परम सुखदम यानी ब्रह्म जो आनंद स्वरूप श्री कृष्ण है परम सुख को देनेवाला है सभी ब्रजवासी छह माह तक आनंद महोत्सव मनाते रहे। यह बात अयोध्या के रामसेवक पुरम में आयोजित श्री भागवत कथा महोत्सव में सुप्रसिद्ध कथा व्यास इंद्रेश महाराज ने कही। गोरखनाथ की दिव्य नगरी से पधारे सभी भक्तों साथ अवध वासी इंद्रेश महाराज के पावन स्वर लहरियों में नाचते कूदते आनंद मनाते भाव विभोर हो गए । मानो आज सबने जीवन का परम लाभ प्राप्त कर लिया हो । कन्हैया के अत्यंत बाल सुलभ लीलाओं का वर्णन किया मक्खन चोरी वत्स चारण गौ चारण उखल बंधन कलिया मर्दन चीर चोरी गोवर्धन धारण लीला का विषाद विवेचन किया। प्रसिद्ध भागवत भास्कर कृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुर महोत्सव में शामिल हुए
आज बृज के प्रसिद्ध भागवत भास्कर कृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुर जो इंद्रेश जी महाराज के पिता और सदगुरुदेव भी हैं। उनका पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। उनके वाचनामृत सुनकर सभी भाव सागर में गोता लगाते हुए कृष्ण भक्ति में सराबोर हो गए। आज गिरिराज जी पूजन का वृहद कार्यक्रम के आयोजन के साथ ही आरती के साथ कथा का विश्राम हुआ।
कल छठवें दिन की कथा में रुक्मिणी विवाह का मुख्य उत्सव होगा। सभी को सजधज कर पीत वस्त्रादि धारण करके आना चाहिये । और कथा सुन कर पुण्य लाभ प्राप्त करे। अयोध्या के सभी महान संतों का नित्य आगमन हो रहा हैं। सत्संग समिति गोरखपुर सब का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
