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आधुनिक सुविधाओं से लैस डॉ. टीपी शाही कंप्यूटर रिसर्च सेंटर:गोरखपुर में AI, डेटा एनालिसिस, प्रोग्रामिंग की ट्रेनिंग लेंगे स्टूडेंट्स, जानिए इसकी खासियत
गोरखपुर में सोमवार को सीएम योगी ने डॉ. टीपी शाही कंप्यूटर रिसर्च सेंटर का शुभारंभ किया। यह लैब दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के आर्ट फैकल्टी में शुरू किया गया है। जिसमें टोटल 25 अत्याधुनिक कंप्यूटर मौजूद है। इस लैब की खासियत के बारे में बताते हुए कंप्यूटर एक्सपर्ट विवेक ने कहा कि सबसे खास बात यह है कि टीपी शाही कंप्यूटर लैब AI को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसमें BSC, MSC, BCA और MCA के स्टूडेंट्स के कंप्यूटर नॉलेज के साथ-साथ रिसर्च वर्क भी कर सकते हैं। प्रोग्रामिंग भाषाएं, सॉफ्टवेयर का अनुप्रयोग, डेटा एनालिसिस, बिग डेटा यूजेज, यूजर इंटरफेस, यूजर एक्सपीरिएंस, ऑटोमिक्स और रोबोटिक्स की भी जानकारी दी जाएगी। हाई स्पीड वाईफाई की सुविधा
उन्होंने बताया कि इस कंप्यूटर एंड रिसर्च सेंटर का मिशन नवाचार और रिसर्च को बढ़ावा देना और समस्या, समाधान के कौशल को विकसित करना है। साथ ही यह लैब पारंपरिक और आधुनिक शिक्षा को जोड़ने का काम करेगा। इस अत्याधुनिक लैब में स्टूडेंट्स के लिए हर सुविधा का ध्यान रखा गया है। जिनमें हाई स्पीड वाईफाई, अत्याधुनिक कंप्यूटर, AC और अन्य चीजें शामिल हैं। इन कंप्यूटर में वे सभी सुविधाएं मौजूद हैं, जो एक कंप्यूटर डेटा सेंटर या लैब में होनी चाहिए। डिजिटल बारीकियों को समझने का मौका मिलेगा
इसमें एक साथ 25 स्टूडेंट्स कंप्यूटर की ट्रेनिंग लेंगे। इसमें ट्रेनर और एक्सपर्ट्स मौजूद होंगे। जो आसान भाषा में उन्हें AI, डेटा एनालिसिस, ग्राफिक डिजाइंनिग रिसर्च वर्क या जो कुछ भी वे सीखना चाहते हैं, उसकी जानकारी बारीकी से देंगे। रिसर्च करने में मिलेगी मदद
उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक कंप्यूटर लैब नहीं बल्कि रिसर्च सेंटर भी है। इसलिए सस्टूडेंट्स को डिजिटल इनोवेशन और उस पर रिसर्च करने का मौका मिलेगा। जिससे वे नई तकीनीकी के इस्तेमाल, उसकी अच्छाई और बुराई के बारे में पता लगा सकेंगे। उनका कहना है कि यहां से ट्रेनिंग लेने वाला हर स्टूडेंट एक जानकर बनेगा और भविष्य में डिजिटल क्षेत्र में बेहतर करेगा। इसी उद्देश्य से इस लैब को तैयार किया गया है। पिता के स्मृति को जिंदा रखना है
इस कंप्यूटर एंड रिसर्च सेंटर को स्थापित करवाने वाले अनन्य शाही ने बताया कि दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज मेरे स्वर्गीय पिता डॉ. तेज प्रताप शाही की कर्म भूमि रही है। उन्होंने 35 साल इस कॉलेज को दिया। उन्हीं की स्मृतियों को जिंदा रखने के लिए हमने उनके नाम कुछ ऐसा करना चाहा जिससे आने वाले समय में लोगों को लाभ मिले। यह समय AI, डेटा प्रोग्रामिंग की है। इसलिए हमने एक AI कंप्यूटर लैब को स्थापित करवाया। इस उम्मीद में कि इस लैब अगर एक व्यक्ति भी अपने जीवन में कोई मुकाम हासिल कर पाएगा तो उससे बड़ी श्रद्धांजलि पिताजी के लिए कुछ भी नहीं। इस लैब के माध्यम से वे हमेशा के लिए हमारे बीच में रहेंगे। एक नजर में सेंटर की सुविधाएं …
Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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