उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठित प्रशासनिक परीक्षा में शामिल होने जा रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए आज से अहम परीक्षा की शुरुआत हो रही है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की ओर से सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (PCS) मुख्य परीक्षा-2025 का आयोजन 1 अप्रैल तक किया जाएगा। परीक्षा Prayagraj और Lucknow के कुल 27 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जहां 11 हजार 403 अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे।
लखनऊ समेत दो शहरों में बनाए गए 27 परीक्षा केंद्र
इस बार PCS मुख्य परीक्षा के लिए दो प्रमुख शहरों में केंद्र बनाए गए हैं। प्रयागराज में 12 परीक्षा केंद्रों पर 4 हजार 757 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जबकि लखनऊ में 15 केंद्रों पर 6 हजार 646 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।
दोनों शहरों में परीक्षा केंद्रों का चयन अभ्यर्थियों की संख्या और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जा सके।
दो सत्रों में होगी परीक्षा, कड़े इंतजाम
PCS मुख्य परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। पहले सत्र में सुबह और दूसरे सत्र में दोपहर बाद परीक्षा होगी।
आयोग और प्रशासन की ओर से परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। सभी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ निगरानी के विशेष प्रबंध किए गए हैं।
प्रशासन ने पूरी की तैयारी, सुरक्षा पर विशेष जोर
परीक्षा को लेकर दोनों शहरों के जिला प्रशासन और पुलिस ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
साथ ही, संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों को भी लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
अभ्यर्थियों को समय से पहले पहुंचने की सलाह
आयोग की ओर से सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।
इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि अभ्यर्थी अपने साथ प्रवेश पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य रूप से लेकर आएं। किसी भी प्रकार की लापरवाही उन्हें परीक्षा से वंचित कर सकती है।
PCS मुख्य परीक्षा
PCS मुख्य परीक्षा को उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में माना जाता है। इस परीक्षा के जरिए प्रदेश की प्रशासनिक सेवाओं में अधिकारियों का चयन किया जाता है।
ऐसे में हजारों अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा उनके करियर का अहम पड़ाव है, जहां प्रदर्शन के आधार पर आगे इंटरव्यू और अंतिम चयन का रास्ता तय होगा।
पारदर्शिता और निष्पक्षता पर आयोग का फोकस
आयोग का कहना है कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया जाएगा। इसके लिए तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर व्यवस्थाएं मजबूत की गई हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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