आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली पुलिस ने पुलिस मुठभेड़ में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जबकि अंधेरे का फायदा उठाते हुए दो आरोपी फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपी के पैर में गोली लगी है। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है जहां इलाज चल रहा है। आरोपी की पहचान धर्मेंद्र सिंह उर्फ अभिषेक सिंह थाना जीयनपुर के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से तमंचा, कारतूस, चोरी की बाइक और लैपटॉप भी बरामद किया गया है। जिओ कंपनी के एरिया मैनेजर के साथ की थी मारपीट
जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार के निर्देश पर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत 25 मार्च को शिवाजी नगर हीरा पट्टी में जिओ कंपनी के एरिया मैनेजर के साथ मारपीट काली गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस की विवेचना के दौरान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अभियुक्तों धर्मेंद्र सिंह उर्फ अभिषेक सिंह, अंशुमान सिंह और राहुल राय का नाम पुलिस की विवेचना में सामने आया। जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। इसी क्रम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली यादवेन्द्र पाण्डेय पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्ति, वाहन चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि उक्त घटना में शामिल अभियुक्त अवैध असलहे व चोरी का सामान लेकर मोहती घाट क्षेत्र में एकत्रित हैं। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी की गई। कुछ ही देर में एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्ध व्यक्ति आते दिखाई दिए। जिन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो वे भागने लगे और मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गई। स्वयं को घिरा देख अभियुक्तों द्वारा पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण हेतु चेतावनी दिए जाने के बावजूद फायरिंग जारी रखने पर आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें एक अभियुक्त धर्मेन्द्र सिंह उर्फ अभिषेक सिंह के बाएं पैर में गोली लगी। घायल अभियुक्त को समय गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए। घायल अभियुक्त को तत्काल उपचार हेतु जिला अस्पताल भेजा गया। विवाद के चलते की थी घटना इस बारे में जिले के एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी ने अपने साथियों अंशुमान सिंह और राहुल राय के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था जिओ कंपनी के एरिया मैनेजर से भी बात के बाद प्लानिंग के तहत या घटना की गई थी जिसके बाद से आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे पुलिस से बचने और लोगों को डराने के लिए अपने पास अवैध असलहे भी रखते थे। इस एनकाउंटर में कोतवाली प्रभारी यादवेंद्र पाण्डेय, सब इंस्पेक्टर सौरभ त्रिपाठी शामिल रहे।

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