आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाने की पुलिस ने मुठभेड़ में दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में 21 मार्च को पीड़िता उषा देवी ने मुबारकपुर थाने की पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि 20 मार्च की रात में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उनके आम के बाग से प्रतिबंधित पशु के बछड़े की चोरी कर उसका वध कर दिया गया। इसके साथ ही मांस वही बाग में फेंक दिया गया। पीड़िता की शिकायत पर मामले में मुबारकपुर थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी। पुलिस की विवेचना के दौरान इस घटना में इमरान और काशिद का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई। चेकिंग के दौरान मिली सूचना
बुधवार की देर रात मुबारकपुर थाने के प्रभारी शशि मौली पांडेय के नेतृत्व में चेकिंग अभियान चलाया गया था। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक बाइक से कुछ लोग आ रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी की गई। कुछ ही देर बाद संदिग्ध बाइक स्वर आते हुए दिखाई दिए पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों की बाइक का नियंत्रित होकर गिर गई। और गिरते ही पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिस द्वारा की गई कंट्रोल फायरिंग में दोनों अभियुक्त घायल हो गए हैं। दोनों अभियुक्तों के दाहिने पैर में गोली लगी है। उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुबारकपुर भेजा गया जहां उनका इलाज चल रहा है। आरोपियों के कब्जे से दो तमंचा और एक बाइक भी बरामद की गई है। दिन में करते थे रेकी रात को करते थे वध
इस बारे में क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि अभियुक्त संगठित तरीके से गोवंश की चोरी और गोवध की घटनाओं को अंजाम देते थे। दिन में क्षेत्र में घूम-घूम कर रेकी किया करते थे और रात्रि में एकांत स्थान पर ले जाकर वध कर दिया करते थे। प्रतिबंधित मांस को 400 से ₹500 प्रति किलो की दर पर बेचकर आर्थिक लाभ कमाते थे। पहचान छुपाने के लिए बाइक में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चलते थे। पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाना भी बदलते रहते थे।

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