आजमगढ़ कोर्ट ने हत्या के आरोपी पिता-पुत्र को दोषी करार दिया है। दोनों को गैर इरादातन हत्या का दोषी माना। दोनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 12-12 हजार रूपये जुर्माना लगाया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन अजय श्रीवास्तव ने बुधवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला 12 मई 2024 का है। वादी मुकदमा शुभम कुमार निवासी मित्रसेनपुर थाना रानी की सराय का छोटा भाई शिवम को एक रिश्तेदार की बारात में रानी की सराय थाने के ग्राम फ़िरद्दूपुर गया था। द्वारपूजा के समय डीजे पर नाच को लेकर शिवम कुमार से सरायमीर थाने के शाहपुर निवासी मंगल व उसके पिता विद्या सागर से झगड़ा हो गया।। इस झगड़े में मंगल व विद्या सागर ने हाॅकी और डंडे से शिवम कुमार पर हमला कर दिया था। घायल शिवम कुमार की 14 मई 2024 को जिला अस्पताल में मृत्यु हो गई। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया। 10 गवाहों ने दी मामले में गवाही इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शिवाश्रय राय, आनंद सिंह व विवेक प्रकाश सिंह ने कुल दस गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मंगल व विद्यासागर को गैर इरादातन हत्या का दोषी पाते हुए दोनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास व प्रत्येक को 12 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

Leave a Reply