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आजमगढ़ में इंस्टाग्राम शॉपिंग के नाम पर ठगी दो गिरफ्तार:देशभर से आई 27 शिकायतें,13 बैंक खातों के जरिए चल रहे थे साइबर नेटवर्क

आजमगढ़ जिले की पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर देशभर में लोगों को ठगने वाले संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में गुजरात की रहने वाली एक युवती ने 9 मार्च 2026 को ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ी ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले का संज्ञान मिलने के बाद जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने आजमगढ़ जिले के साइबर टीम को मामले का खुलासा करने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में साइबर टीम को यह सफलता मिली है। साइबर सेल के नोडल अपर पुलिस अधीक्षक विवेक त्रिपाठी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि दोनों आरोपी आजमगढ़ जिले के रहने वाले हैं।
देशभर से आई 27 शिकायतें
इस मामले का खुलासा करते हुए नोडल अधिकारी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि पूरे देश से इस मामले में 27 शिकायत आई थी। जिसके आधार पर साइबर टीम लगातार आरोपियों को ट्रैक कर रही थी। गुजरात के अहमदाबाद निवासी एक युवती ने 9 मार्च 2026 को एनसीआरपी पोर्टल पर ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ी ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी क्रम में 24 मार्च को प्रतिबिम्ब पोर्टल पर प्राप्त इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने कोतवाली क्षेत्र के कोलबाजबहादुर में दबिश दी और मुखबिर की सूचना पर अवन राजभर (22) व प्रियांशू यादव (19) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इंस्टाग्राम पर *Ganga.Hills, Ganga_hills, Ganga cloth, Velside.clothing, Velside_clothing” जैसे नामों से फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर आकर्षक विज्ञापन पोस्ट करते थे। इन विज्ञापनों के जरिए ग्राहकों को कम दाम में अच्छे उत्पाद देने का लालच दिया जाता था। जैसे ही कोई उपभोक्ता इन पेजों पर क्लिक करता, उसे व्हाट्सएप बिजनेस नंबर के माध्यम से संपर्क कराया जाता था।
प्रोडक्ट की फोटो और वीडियो भेज कर लेते थे विश्वास में आरोपी ग्राहकों को प्रोडक्ट की फोटो और वीडियो भेजकर विश्वास में लेते थे और फिर क्यूआर कोड के माध्यम से एडवांस भुगतान कराने के लिए प्रेरित करते थे। भुगतान मिलते ही या तो सामान भेजा ही नहीं जाता था या फिर बेहद घटिया और बेकार सामान पार्सल कर दिया जाता था। कई मामलों में ग्राहक को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि ठगी से प्राप्त धनराशि पहले आरोपियों के व्यक्तिगत बैंक खातों में मंगाई जाती थी। लेकिन बार-बार संदिग्ध लेन-देन के चलते खाते फ्रीज होने लगे। जिसके बाद उन्होंने अन्य लोगों के खातों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। पुलिस को आरोपियों से जुड़े 13 बैंक खातों की जानकारी मिली है। जिन पर असम, बंगाल, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से कुल 27 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 550 रुपये नगद, 13 बैंक पासबुक, एक चेकबुक, पांच एटीएम कार्ड, नौ सिम कार्ड, 30 डमी पार्सल पैकेट तथा पैकेजिंग सामग्री बरामद की है। मोबाइल फोन की जांच में ग्राहकों के साथ की गई चैट, लेन-देन से जुड़े साक्ष्य और फर्जी आईडी से संबंधित अहम डिजिटल प्रमाण भी मिले हैं।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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