लखनऊ-कानपुर रेल मार्ग पर गर्मी के मौसम को देखते हुए रेलवे विभाग ने सुरक्षा व्यवस्थाएं मजबूत करना शुरू कर दिया है। गंगाघाट रेलवे स्टेशन के पास सरैया क्रॉसिंग के समीप रेलवे ट्रैक के दोनों ओर उगी बड़ी घास और खरपतवार को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य आग लगने जैसी घटनाओं की आशंका को पूरी तरह समाप्त करना है। रेलवे अधिकारियों के निर्देश पर कर्मचारियों की एक टीम मौके पर पहुंचकर सफाई कार्य में जुटी हुई है। ट्रैक के आसपास फैली झाड़ियों और सूखी घास को हटाने के लिए एक जेसीबी मशीन के साथ लगभग एक दर्जन मजदूर लगाए गए हैं। मशीन की सहायता से ट्रैक किनारे उगी घनी झाड़ियों को साफ किया जा रहा है, जबकि मजदूर हाथों से बची हुई खरपतवार को हटाकर क्षेत्र को पूरी तरह स्वच्छ कर रहे हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, गर्मियों में सूखी घास और झाड़ियां आग पकड़ने का एक बड़ा कारण बनती हैं। कई बार शरारती तत्वों द्वारा जानबूझकर आग लगाने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं, जिससे रेल संचालन प्रभावित होता है और यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो जाता है। हाल ही में इसी क्षेत्र में खरपतवार में आग लगने की घटना हुई थी, जिसके कारण शताब्दी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को एहतियातन रोकना पड़ा था। इस घटना से रेल यातायात बाधित हुआ था। इसी घटना को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक के आसपास ज्वलनशील सामग्री हटाने से आग लगने की संभावना काफी कम हो जाती है और ट्रेनों का संचालन सुरक्षित बना रहता है। साथ ही, रेलवे कर्मियों को नियमित निरीक्षण करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। रेलवे विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि वे ट्रैक के आसपास कूड़ा या ज्वलनशील पदार्थ न फेंकें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे अथवा स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

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