आगरा के डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय कर्मचारी नेताओं के द्वारा 16 वें दिन बुधवार को धरना जारी रहा। मंगलवार को कर्मचारियों ने संघ चुनाव न कराए जाने को लेकर मुंडन करा और भगवा पहन कर प्रदर्शन किया था। कर्मचारियों ने बताया-कुलपति के साथ बैठक है, चुनाव होगा या नहीं, इस पर बात होनी है। अगर चुनाव नहीं होता है, तो विरोध प्रदर्शन तेज होगा। अभी कुछ लोगों ने मुंडन कराया है, फिर सभी लोग मुंडन कराकर प्रदर्शन में शामिल होंगे। चुनाव को लेकर पत्रावली बन चुकी थी। कुछ लोगों की मिली भगत के साथ फाइल को गायब कर दिया गया। आखिर कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन चुनाव को लेकर क्यों चुप हैं, इसका क्या कारण है। प्रजेंट में जो अध्यक्ष हैं अखिलेश क्या उनके दबाव में हैं। जब तक चुनाव नहीं होगा धरना जारी रहेगा। कर्मचारी नेता सुमित चौधरी ने बताया-विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के पिछले चुनाव में अखिलेश चौधरी जीते, और अध्यक्ष बने थे। उनका कार्यकाल 17 सितंबर 2025 को खत्म हो गया था। यूनिवर्सिटी का एक नियम है कि 80 प्रतिशत लोग अगर कार्यकाल बढ़ाने के लिए प्रस्ताव रखते है, तो 6 महीने कार्यकाल बढ़ जाता है। लेकिन अखिलेश चौधरी ने धोखे से कार्यकाल बढ़ा लिया। इसके बाद बढ़े हुए कार्यकाल को भी समाप्त हुए कई महीने हो गए है। यूनिवर्सिटी में कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ने कोई काम नहीं कराया है। एक साल में नाम के अध्यक्ष रहे है। कर्मचारियों की कई समस्या है जिनका निस्तारण होना है। लेकिन नहीं हो रहा है। विश्वविद्यालय कर्मचारियों की मांग है, जल्द चुनाव कराए जाए। जब तक चुनाव नहीं होगा, धरना तेज होता जाएगा।

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