आगरा में ‘रमा रश्मि’ कृतियों का हुआ लोकार्पण:जुबली हॉल में साहित्यकार जुटे, नारी विमर्श और काव्य कृतियों पर हुई चर्चा
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आगरा में ‘रमा रश्मि’ कृतियों का हुआ लोकार्पण:जुबली हॉल में साहित्यकार जुटे, नारी विमर्श और काव्य कृतियों पर हुई चर्चा
आगरा के डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय के जुबली हॉल में शनिवार को साहित्यिक माहौल के बीच लेखिका डॉ. रमा ‘रश्मि’ की दो कृतियों ‘नारी विमर्श और प्रभा खेतान’ और ‘धूप और चाँद’ का लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम में शहर के साहित्यकारों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि रमा ‘रश्मि’ का साहित्य आज की बेटियों को सही दिशा देता है और यह समझाता है कि स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छंदता नहीं है। उन्होंने पारिवारिक मूल्यों और विश्वास की अहमियत पर भी जोर दिया। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. आशु रानी ने नारी विमर्श पर विचार रखते हुए कहा कि महिला और पुरुष में शारीरिक अंतर हो सकता है, लेकिन संवेदना, सृजन और साहस में कोई भेद नहीं है। उन्होंने रमा ‘रश्मि’ को इसका जीवंत उदाहरण बताया। विशिष्ट अतिथि प्रो. प्रदीप श्रीधर ने रमा की कविताओं को समाज का सच्चा दर्पण बताया, वहीं सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता सीमा समृद्धि ने कहा कि स्त्री विमर्श मानवाधिकारों की लड़ाई है और आज की स्त्री अपनी सोच के साथ आगे बढ़ रही है। कार्यक्रम में साहित्यकारों ने कृतियों की समीक्षा करते हुए रमा ‘रश्मि’ के लेखन को नारी सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण बताया। अंत में लेखिका ने अपनी रचनात्मक यात्रा साझा करते हुए कहा कि उनका साहित्य समाज में सकारात्मक प्रकाश फैलाने का प्रयास
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
