आंधी-बारिश से दुर्गा मंदिर गिरा, मोतीझील का पाथवे बंद:कानपुर में कई रोड पर पड़े रहे पेड़, फेयर के झूले भी टूटे
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आंधी-बारिश से दुर्गा मंदिर गिरा, मोतीझील का पाथवे बंद:कानपुर में कई रोड पर पड़े रहे पेड़, फेयर के झूले भी टूटे
कानपुर में शनिवार को आई तेज आंधी और बारिश ने शहर में जमकर तबाही मचा दी। कई जगह पेड़ गिरने से रास्ते बंद हो गए, तो कहीं बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। शहर की सड़कों के साथ पार्कों का भी बुरा हाल हो गया है। मोतीझील, नानाराव पार्क और कंपनी बाग समेत कई पार्कों में पेड़ गिरने से व्यवस्था चरमरा गई। शहर के नेहरू नगर चौराहे पर स्थित दुर्गा मंदिर पर पेड़ गिरने से मंदिर की छत क्षतिग्रस्त हो गई। इतना ही नहीं, सीएसए और सीएसजेएमयू कैंपस में भी कई पेड़ गिरने की सूचना है। नगर निगम की ओर से सड़कों से पेड़ों को हटाने का काम जारी है। कारगिल पार्क में 20 से ज्यादा पेड़ गिरे
मोतीझील स्थित कारगिल पार्क में आंधी और बारिश के बाद 20 से ज्यादा पेड़ गिर गए। पेड़ों के गिरने से विवेकानंद प्रतिमा के पास बना पाथवे ब्लॉक हो गया। वहीं पार्क में अखाड़े की ओर जाने वाला रास्ता भी पेड़ गिरने से बंद हो गया। पेड़ों के गिरने से स्ट्रीट लाइट और बिजली के पोल भी क्षतिग्रस्त हो गए।
55 साल पुराना मंदिर हुआ क्षतिग्रस्त
नेहरू नगर चौराहे पर स्थित करीब 55 साल पुराना दुर्गा मंदिर भी आंधी-बारिश की चपेट में आ गया। इलाके के विनय परिहार ने बताया कि तेज आंधी में उनकी दुकान, जेसीबी, ऑटो और मंदिर को नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि मंदिर की छत गिरने से अंदर रखी मूर्तियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। फिलहाल मौके पर राहत और सफाई का काम जारी है। सड़कों पर गिरे पड़े रहे पेड़
आंधी व बारिश के बाद शहर की कई सड़कों पर गिरे हुए पेड़ रोड पर पड़े रहे। नगर निगम की ओर से राहत व पेड़ों को काटकर हटाने का काम किया जा रहा है। लेकिन काकादेव, कल्याणपुर, पनकी, मसवानपुर समेत शहर की कई सड़कों पर रविवार को भी यातायात बंद रहा। फेयर भी चपेट में आया
मोतीझील ग्राउंड में लगा फेयर भी आंधी बारिश की चपेट में आ गया। रविवार सुबह देखने पर पता चला कि फेयर में लगे करीब पांच झूले तेज हवाओं के चलते गिरकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। संचालक ने बताया कि इनको ठीक करने में करीब दो दिन का समय लगेगा।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
