लखनऊ की 58 साल की महिला से कैंसर के इलाज के नाम पर सहानुभूति जताकर शातिर ठगों ने 20 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपियों ने खजाना मिलने की कहानी सुनाकर महिला को जाल में फंसाया और नकली सोने के सिक्कों का लालच देकर रकम हड़प ली। ठगी की जानकारी होने पर शिकायत दर्ज कराई है। कोडर सरीपुरा आलमनगर निवासी विद्यावती सिंह राठौर पत्नी स्वर्गीय डॉक्टर धर्मेंद्र सिंह राठौर अस्पताल संचालिका है। उन्होंने बताया कि उनके पति डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार सिंह राठौर का साल 2021 में कोविड के दौरान निधन हो चुका है। इसके बाद वह अपने छोटे बेटे के साथ अस्पताल चला रही थीं। इस बीच जून 2025 में उन्हें गर्भाशय कैंसर होने का पता चला और इलाज के लिए मुंबई जाना पड़ा। अज्ञात व्यक्ति ने जंगल में खजाना मिलने की बात कही मुंबई में इलाज के दौरान 20 जुलाई 2025 को एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल कर अपना नाम दीपक बताया। उसने महिला की बीमारी और पारिवारिक स्थिति की जानकारी लेकर सहानुभूति जताई और धीरे-धीरे विश्वास जीत लिया। बातचीत के दौरान उसने नासिक के जंगल में खजाना मिलने की बात कहकर सोने के सिक्के खरीदने का लालच दिया। उसकी बातें सुनकर पहले महिला ने मना किया लेकिन लगातार संपर्क और भावनात्मक बातों में फंसाकर आरोपी ने उसे तैयार कर लिया। आरोपी ने 40 लाख की मांग की लेकिन बाद में 20 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद महिला 25 जनवरी 2026 को एक परिचित के साथ 20 लाख रुपए नकद लेकर पुष्पक एक्सप्रेस से मुंबई पहुंची। हलवे में दी नींद को दवाई मुंबई में आरोपी से गेटवे ऑफ इंडिया पर मुलाकात हुई। जहां उसने 200 सोने के सिक्के देने का दावा किया और वापसी के दौरान ट्रेन में पैसे लेकर सिक्के देने की बात तय हुई। 29 जनवरी को महिला जब लखनऊ लौट रही थी। तब कल्याण स्टेशन पर आरोपी अपने एक साथी के साथ ट्रेन में चढ़ा। कुछ देर बाद साथी ने महिला को खाने के लिए हलवा दिया। जिसे खाने के बाद उसे गहरी नींद आ गई। जब झांसी के पास उसकी नींद खुली तो आरोपी फरार हो चुके थे। महिला ने जब संपर्क करने की कोशिश की तो आरोपी ने बहाना बनाकर फोन बंद कर लिया। इसके बाद उसे ठगी का पता चला। पीड़िता की शिकायत पर रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में नाका पुलिस का कहना है जीरो पर एफआईआर ट्रांसफर हुई है, जांच की जा रही है।

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