बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय रविवार को डॉग लवर्स से गुलजार रहा। अमेरिका की अलास्कन मालाम्यूट के साथ जर्मन शेफर्ड, टॉय पोमेरेनियन, अल्बाई, कल्चर पोम और अलाबाई नस्ल के डॉग आकर्षण का केंद्र रहे। इसमें करीब 80 प्रतिभागियों ने अपने कुत्तों के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता में अलाबाई नस्ल की ‘काली’ (ओनर- अभिषेक सिंह) ने ओवर आल चैंपियन का खिताब जीता। वहीं, अलास्कन मालाम्यूट ने सबका ध्यान अपनी आेर खिंचा। डॉग के मालिक इन्द्रनील बताते हैं कि वह इसे अमेरिका से लेकर आए हैं। हर महीने इसपर 35 हजार रुपए से अधिक खर्च है। स्पिट्ज डॉग के लिए गिरिजा देवी ने पहला पुरस्कार जीता। रश्मि रेखा ने सात डॉग की श्रेणी में पहला पुरस्कार जीता। वफादारी और संवेदनशीलता के लिए जाने जाते हैं कुत्ते डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि कुत्ते अपनी वफादारी, सतर्कता और संवेदनशीलता के लिए जाने जाते हैं। कुत्ता न केवल घर की सुरक्षा करता है, बल्कि एक सच्चे मित्र की तरह अपने स्वामी के हर सुख-दुख में साथ खड़ा रहता है। विवि के कुलपति डॉ इंद्रजीत सिंह ने कहा कि समाज में पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ रही है। विशिष्ट अतिथि, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची के भूतपूर्व निदेशक (शोध) डॉ. एए खान ने कहा कि कुत्ता एक मार्गदर्शक पशु है। dog show बिहार पशु विज्ञान विवि : विदेशी नस्ल के कुत्ते रहे आकर्षण का केंद्र, 80 प्रतिभागी शामिल
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