मेरठ में शुक्रवार को अलविदा जुमा की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। नमाज के बाद देश में अमन और शांति की दुआ करी गई। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टिगत पुलिस प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम रहे। शहर की दोनों जामा मस्जिदों के साथ ही अन्य मस्जिदों के बाहर भी सुरक्षाकर्मी तैनात दिखाई दिए। नमाज के दौरान खुफिया तंत्र भी सजग दिखाई दिया। 18 ईदगाह, 375 मस्जिद में पढ़ी नमाज
शहर में 18 ईदगाह और 375 मस्जिदे हैं जहां अलविदा जुमा की नमाज हुई। सभी मस्जिदों में नमाज का समय अलग-अलग रहा। उसी के अनुसार पुलिस प्रशासन की ओर से ड्यूटी लगाई गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अफसर कोतवाली में मौजूद रहकर पल पल का जायजा लेते रहे। खत्म हो अमेरिका-इजराइल व ईरान युद्ध
जुमे की नमाज के बाद ईदगाह से बाहर निकले नायब शहर काजी जैनुर राशिद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि नमाज में देश में अमन और चैन की दुआ की गई है। ईद का त्यौहार आपसी प्रेम और भाईचारे का त्यौहार है। इसे सभी को मिल जुल कर मनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि शरियत में साफ जिक्र है कि अगर ईद की खुशियां माननी है तो गरीब जरूरतमंद चाहे वह मुस्लिम अथवा गैर मुस्लिम है, उनकी मदद करनी चाहिए। युद्ध रोकने में भूमिका निभाएं पीएम
नायब शहर काजी ने कहा कि जुमे की नमाज के साथ ही ईद की खुशियां भी शुरू हो गई हैं। विश्व में हालात ठीक नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वह अमेरिका, इजरायल के ईरान के साथ चल रहे युद्ध को रुकवाने में भूमिका निभाए। इस युद्ध का असर अब अन्य देशों पर भी पड़ने लगा है। गैस सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं। पेट्रोल के दाम बढ़ाने की कगार पर हैं। एक CO और SDM रहे मौके पर मौजूद
व्यवस्था के तौर पर सभी प्रमुख ईदगाह पर एक प्रशासनिक अफसर के रूप में SDM के साथ एक CO को तैनात किया गया था। ये अफसर क्षेत्रीय थाना पुलिस के अलावा RAF और QRT के जवानों के साथ अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण करते रहे। लोकल इन्वेस्टिगेशन यूनिट भी तैनात रही। ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त ड्यूटी
सड़कों पर अवस्था हावी ना हो इसको लेकर प्रशासन ने ट्रैफिक की भी अतिरिक्त ड्यूटी लगाई हुई थी जिन्होंने जाम नहीं लगने दिया। भीड़भाड़ वाले रास्ते पर हेड कांस्टेबल के साथ दो होमगार्ड रहे । कुछ जगह पर ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर भी व्यवस्था संभालते देखे गए। चारों ट्रैफिक इंस्पेक्टर भी घूम घूमकर अपने क्षेत्र की व्यवस्था पर नजर रखे थे।

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