अरवल जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में ‘उद्यमी संवाद’ का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य जिले में औद्योगिकीकरण के विकास और उद्यमियों के सामने आ रही विभिन्न समस्याओं पर विचार-विमर्श करना था। इस संवाद में जिले के विभिन्न उद्यमियों ने अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं। इनमें मुख्य रूप से बिजली आपूर्ति की कमी, कच्चे माल की अनुपलब्धता, बाजार तक पहुंच और विपणन से संबंधित कठिनाइयां शामिल थीं। जिला पदाधिकारी ने उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके त्वरित तथा प्रभावी समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। श्रीमती बैंस ने कहा कि जिले के समग्र विकास और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि उद्योगों की स्थापना से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। जिला प्रशासन उद्यमियों को अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। जिला पदाधिकारी ने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) जैसी महत्वपूर्ण औद्योगिक योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक इच्छुक व्यक्तियों को इन योजनाओं का लाभ दिलाना है। साथ ही, प्राप्त आवेदनों के शीघ्र निष्पादन के भी निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह उद्यमी संवाद औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे उद्यमियों की समस्याओं का समाधान होने के साथ-साथ अरवल जिले में औद्योगिकीकरण को नई गति मिलने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, ओएसडी ऋषिकेश तिवारी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी माला कुमारी, एलडीएम सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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