अररिया जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक लाइव सत्र का आयोजन किया गया। इसमें जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार सिंह ने पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और पशु चिकित्सा सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को विभागीय कार्यक्रमों से अवगत कराना और उन्हें इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना था। डॉ. सिंह ने बताया कि विभाग का एक प्रमुख कार्यक्रम पशुओं का टीकाकरण है, जो वर्ष में दो बार आयोजित किया जाता है। इसमें हेमोरेजिक सेप्टीसीमिया (एचएस) और ब्लैक क्वार्टर (बीक्यू) रोग के खिलाफ टीकाकरण सबसे महत्वपूर्ण है। यह टीकाकरण गलाघोंटू और लंगड़ी रोग के विरुद्ध प्रभावी है, जो पशुओं की मृत्यु का कारण बन सकते हैं। टीकाकरण के बाद पशु इन रोगों से पूरी तरह सुरक्षित हो जाते हैं। साल में 2 बार आयोजित होता है कार्यक्रम दूसरा प्रमुख टीकाकरण फुट एंड माउथ डिजीज (एफएमडी) यानी खुरहा-मुंहपका रोग के खिलाफ है। यह कार्यक्रम भी वर्ष में दो बार चलाया जाता है। इस रोग से ग्रसित पशुओं का दूध उत्पादन तेजी से गिर जाता है और यह पशुओं के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। डॉ. सिंह ने जोर दिया कि समय पर टीकाकरण से पशुपालकों की आर्थिक हानि रोकी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ब्रुसेलोसिस, पीपीआर (पेस्ट डेस पेटिट्स रूमिनेंट्स) और अन्य रोगों के खिलाफ चलाए जा रहे टीकाकरण अभियानों की भी जानकारी दी। विभाग द्वारा पशुपालकों को मुफ्त दवाइयां, इलाज सुविधाएं, कृत्रिम गर्भाधान, पशु बीमा और दुग्ध विकास योजनाओं का भी लाभ प्रदान किया जा रहा है। पशुओं का नियमित करवाएं टीकाकरण डॉ. सिंह ने पशुपालकों से अपील की कि वे अपने निकटतम पशु चिकित्सालय या टीकाकरण शिविरों में संपर्क करें और अपने पशुओं का नियमित टीकाकरण करवाएं। इससे न केवल पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, बल्कि पशुपालन से जुड़ी आय में भी वृद्धि होगी। जिला प्रशासन द्वारा ऐसे फेसबुक लाइव सत्र नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आम जनता तक सरकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से पहुंच सके। पशुपालक अधिक जानकारी के लिए जिला पशुपालन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
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