अयोध्या में 84 कोसी परिक्रमा पथ निर्माण के नाम पर पेड़ों की कटाई का मामला गरमा गया है। बीकापुर- इनायतनगर- रेवतीगंज संपर्क मार्ग के किनारे वर्षों पुराने पेड़ों को काटे जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है। मंडलायुक्त की फटकार के बाद फिलहाल अवैध कटान पर रोक लगा दी गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रस्तावित परिक्रमा पथ की वास्तविक लाइन कई जगहों पर मौजूदा सड़क से अलग है। इसके बावजूद सड़क किनारे खड़े अर्जुन, शीशम, आम और महुआ जैसे बहुमूल्य पेड़ों को बिना अनुमति काटा जा रहा है। कई स्थानों पर जहां पेड़ों की कटाई हुई है, वहां से प्रस्तावित परिक्रमा पथ की दूरी सैकड़ों मीटर है। ग्राम पंचायत घुरेहटा के अंतर्गत राम गोबिंद के पुरवा से रुइहन पुरवा मोड़ तक बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह कटान राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-227बी की सीमा से बाहर की गई है, जो पूरी तरह अवैध है। स्थानीय लोगों ने एनएचआई और वन विभाग के कुछ अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क को एनएच का हिस्सा दिखाकर पेड़ों की कटाई कराई जा रही है। इस संबंध में पर्यावरण प्रेमी श्रवणजीत कनौजिया और क्षेत्र पंचायत सदस्य विकास सिंह सहित कई ग्रामीणों ने मंडलायुक्त से शिकायत की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी प्रकरण दर्ज कराया। शिकायत के बाद मंडलायुक्त राजेश कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। मंडलायुक्त की कार्रवाई के बाद अवैध कटान पर रोक लगा दी गई। कुमारगंज रेंज के वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि एनएचआई के सर्वे के आधार पर कार्य दिया गया था, लेकिन अब स्पष्ट निर्देश हैं कि बिना लिखित अनुमति कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा। फिलहाल कटान रुक गई है, लेकिन यह पूरा मामला प्रशासनिक पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीण अब इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि क्षेत्र की हरियाली को बचाया जा सके।

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