अयोध्या में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं खरीद व्यवस्था शुरू हो गई है। प्रशासन ने व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर इस वर्ष जिले में कुल 68 गेहूं क्रय केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इन 68 केंद्रों में खाद्य विभाग के 18, पीसीएफ के 23, पीसीयू के 11, यूपीएसएस के 9, मंडी समिति के 3 और भारतीय खाद्य निगम के 4 केंद्र शामिल हैं। इस वर्ष सरकार ने किसानों को राहत देते हुए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹160 बढ़ाकर ₹2,585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष ₹2,425 प्रति क्विंटल था। इससे किसानों को लगभग 6.59 प्रतिशत अधिक मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि की उम्मीद है। किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मंडी परिसरों में संचालित क्रय केंद्रों पर पेयजल, छाया, बैठने और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश मंडी सचिव, अयोध्या और रुदौली को दिए गए हैं। जिले में 30 मार्च तक 2026 किसानों का पंजीकरण हो चुका है। केंद्र प्रभारी किसानों से सीधे संपर्क कर उन्हें पंजीकरण और गेहूं बिक्री के लिए प्रेरित कर रहे हैं। पिछले वर्ष 64 केंद्रों के माध्यम से 27,000 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले मात्र 7,551.504 मीट्रिक टन (27.97 प्रतिशत) खरीद हो सकी थी। इस बार खरीद बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। जिलाधिकारी ने सख्त चेतावनी दी है कि खरीद में लापरवाही बरतने वाले केंद्र प्रभारियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी और उन्हें आगामी धान खरीद से भी वंचित किया जा सकता है। इसी क्रम में, 30 मार्च को सुबह 11 बजे तक 17 केंद्र प्रभारी अनुपस्थित पाए गए, जिनके खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित उपजिलाधिकारियों को संस्तुति भेज दी गई है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने बताया कि इस बार पूरी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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