जिले में स्कूल वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 814 स्कूल बसें और 849 स्कूल वैन पंजीकृत हैं। इनमें से बड़ी संख्या में वाहन नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित हो रहे हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। परिवहन विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि 82 स्कूल बसों और 259 स्कूल वैन की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद ये वाहन सड़कों पर चल रहे थे। इस पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने अब तक 128 वाहनों की पंजीयन पुस्तिका निलंबित कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, 15 वर्ष की आयु सीमा पूरी कर चुके 65 स्कूल वाहनों को नोटिस जारी किया गया है। इनमें से 40 वाहनों का पंजीयन निलंबित कर दिया गया है। इन वाहनों को तत्काल प्रभाव से सड़कों से हटाने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि इन्हें तकनीकी रूप से असुरक्षित माना जाता है। एआरटीओ प्रशासन आरपी सिंह ने बताया कि सभी वाहन स्वामियों और स्कूल प्रबंधन को अंतिम अवसर दिया गया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिन वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है, वे 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से फिटनेस करा लें। साथ ही, जिन वाहनों की आयु सीमा पूरी हो गई है, उनके प्रपत्र कार्यालय में जमा कर पंजीयन निरस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी कराई जाए। एआरटीओ सिंह ने चेतावनी दी है कि समय सीमा के बाद बिना फिटनेस या निर्धारित आयु सीमा पार कर चुके वाहनों का संचालन करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माना, वाहन सीज करना और पंजीयन निरस्तीकरण जैसे कदम शामिल होंगे। परिवहन विभाग ने 1 से 15 अप्रैल तक एक विशेष चेकिंग अभियान चलाने की भी घोषणा की है। इस दौरान स्कूल बसों और वैन की सघन जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना और नियमों का शत-प्रतिशत पालन कराना है।

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