अयोध्या जिले में किशोरियों को जल्द ही एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन लगाई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य किशोरियों के स्वास्थ्य को सुरक्षित करना है। स्वास्थ्य विभाग से आधिकारिक आदेश जारी होने का इंतजार है। जिले को लगभग 8000 वैक्सीन डोज प्राप्त हो चुकी हैं। इन खुराकों का उपयोग जिला महिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेज में किया जाएगा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र भदौरिया और कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सीपी भारती ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर लाकर एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएं। उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन किशोरियों को गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एचपीवी वैक्सीन ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाव के लिए दी जाती है। यह वायरस मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर) का प्रमुख कारण होता है। इसके अतिरिक्त, यह अन्य प्रकार के कैंसर और संक्रमण का भी कारण बन सकता है। यह वैक्सीन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत कर वायरस से लड़ने में सक्षम बनाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, 14 से 15 वर्ष की आयु में यह वैक्सीन सर्वाधिक प्रभावी होती है, क्योंकि इस उम्र में शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बेहतर होती है। आमतौर पर इस वैक्सीन की दो खुराकें निर्धारित अंतराल पर लगाई जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस अभियान से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी आएगी और महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा। यह पहल जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज के निर्माण में भी योगदान देगी।

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