अयोध्या में रामनवमी पर आस्था, विज्ञान और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। शुक्रवार दोपहर ठीक 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का सूर्य तिलक हुआ। 9 मिनट तक सूर्य की विशेष किरणें भगवान के ललाट पर पड़ीं। सूर्य तिलक के साथ ही रामलला का जन्म हो गया। पीएम मोदी ने टीवी पर सूर्य तिलक देखा। इस दौरान 14 पुजारी गर्भगृह में मौजूद रहे। उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना की। सूर्य तिलक के बाद रामलला का पट बंद कर दिए गए। फिर रामलला को 56 तरह के व्यंजन का भोग लगा। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद रामलला का यह दूसरा सूर्य तिलक है। सूर्य तिलक के लिए अष्टधातु के 20 पाइप से 65 फीट लंबा सिस्टम बनाया गया। इसमें 4 लेंस और 4 मिरर के जरिए गर्भ गृह तक रामलला के मस्तक पर किरणें पहुंचाई गईं। इससे पहले सुबह 5.30 बजे रामलला की आरती की गई। भगवान को पीतांबर पहनाए गए। आज करीब 10 लाख लोग रामलला के दर्शन करने पहुंचे हैं। राम जन्मभूमि परिसर में लंबी लाइनें लगी हैं। राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ पर काफी भीड़ है। आइए 10 तस्वीरों में देखते हैं रामलला का सूर्यतिलक…

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