अयोध्या जनपद में पेट्रोलियम पदार्थों और गैस की अनियमित आपूर्ति का असर दिखने लगा है। खाड़ी देशों में जारी युद्ध के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिससे पिछले तीन सप्ताह से गैस, डीजल और पेट्रोल की कमी बनी हुई है। इसका असर स्थानीय बाजारों और आम जनजीवन पर पड़ रहा है। रुदौली, कुमारगंज, मिल्कीपुर, बीकापुर, तारून, गोसाईगंज और मवई जैसे प्रमुख बाजारों में स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। खासकर फुटपाथ और ठेले पर फास्ट फूड बेचने वाले विक्रेता सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी के कारण दोपहर बाद खुलने वाली करीब 50 से 60 प्रतिशत फास्ट फूड दुकानें बंद हो चुकी हैं। जो दुकानदार काम कर रहे हैं, उन्होंने खाद्य पदार्थों के दाम 25 से 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। दैनिक सर्वे के अनुसार 1 मार्च से पहले 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 15 रुपये में बिक रही है, जबकि 20 रुपये का बर्गर 25 रुपये में मिल रहा है। दुकानदारों का कहना है कि गैस न मिलने पर उन्हें कोयले का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जो पहले से महंगा है, जिससे लागत बढ़ गई है। कई दुकानदारों ने बताया कि गैस आधारित काम करना मुश्किल हो गया है और सभी के पास वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। ऐसे में छोटे पटरी व्यवसायी धीरे-धीरे अपना काम बंद करने को मजबूर हो रहे हैं। इस बीच सोहावल क्षेत्र में कुछ दुकानों पर घरेलू गैस सिलेंडरों के उपयोग की जानकारी भी सामने आई है। इस मामले में दुकानदार खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि जब आम जनता गैस सिलेंडरों के लिए परेशान है, तो दुकानों तक घरेलू सिलेंडर कैसे पहुंच रहे हैं। पूरे मामले में प्रशासन की निष्क्रियता भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

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