हरियाणा के राज्यपाल प्रो.असीम कुमार घोष ने पत्नी के साथ रामलला मंदिर और हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने सरयू तट पहुंचकर पूजा-अर्चना की और बोट के माध्यम से भ्रमण किया। इस दौरान महंत संजय दास ने अंगवस्त्र और हनुमान जी की प्रतिमा भेंट कर उनका स्वागत किया। राज्यपाल को सरयू नदी में बोट के जरिए सुरक्षित और सुव्यवस्थित भ्रमण कराया गया। पूरी व्यवस्था उच्च स्तर की सुरक्षा, अनुशासन और पेशेवर दक्षता के साथ संपन्न कराई गई। भ्रमण के दौरान उन्हें सरयू तट के प्रमुख घाटों राम की पैड़ी और लक्ष्मण घाट सहित अन्य स्थलों के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सरयू नदी का उद्गम हिमालय के कुमाऊं क्षेत्र से माना जाता है, जो आगे चलकर घाघरा नदी के रूप में प्रवाहित होती हुई अंततः गंगा में समाहित हो जाती है। इस तरह सरयू नदी धार्मिक के साथ-साथ भौगोलिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। लक्ष्मण घाट के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह स्थान भगवान लक्ष्मण से जुड़ा पवित्र स्थल माना जाता है, जहां उनके जल समाधि लेने की मान्यता है। इस कारण यह घाट श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन श्रद्धालु स्नान और पूजन के लिए पहुंचते हैं। इस विशेष अभियान का नेतृत्व जल पुलिस प्रभारी रूबे प्रताप मौर्य ने किया। कांस्टेबल नित्यानंद यादव ने राज्यपाल को अयोध्या से जुड़ी जानकारियां दीं। वहीं उप निरीक्षक नर्वदेश्वर मिश्रा सहित अन्य पुलिस और एसडीआरएफ कर्मियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई। राज्यपाल असीम कुमार घोष ने जल पुलिस की कार्यप्रणाली, तत्परता और सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए पूरी टीम के प्रयासों को सराहनीय बताया।

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