अयोध्या धाम स्थित श्रीरामलला सदन देवस्थानम रामकोट अयोध्या धाम में श्री ब्रह्मोत्सव का आयोजन 23 मार्च से 28 मार्च 2026 तक होने जा रहा है। श्रीरामलला सदन देवस्थान में आयोजित इस महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। श्रीमद् जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य महाराज संयोजन में होने वाले इस आयोजन में प्रतिदिन विविध धार्मिक अनुष्ठान, हवन, अभिषेक तथा भगवान की सिंहवाहन पर भगवान की दिव्य सवारी तिरूमज्जन निकाली जाएंगी। महोत्सव का शुभारंभ 23 मार्च, सोमवार (चैत्र शुक्ल पंचमी) की संध्या बेला में मृदाहरण, अंकुरारोपण, रक्षाबंधन, वीथी शोधन तथा गरुड़ प्रतिष्ठा के साथ होगा।इसके उपरांत श्री विष्वक्सेन जी की सवारी निकाली जाएगी, जिससे पूरे वातावरण में भक्तिमय ऊर्जा का संचार होगा।
24 मार्च, मंगलवार (चैत्र शुक्ल षष्ठी) को प्रातःकाल ध्वजारोहण के साथ महोत्सव का विधिवत शुभारंभ होगा। इस अवसर पर 108 कलशों से भगवान का महाभिषेक (तिरुमज्जन) किया जाएगा। संध्या में भेरीताड़न एवं नित्याराधन हवन के बाद श्री शेषवाहन पर भगवान की सवारी आकर्षण का केंद्र बनेगी।25 मार्च, बुधवार (सप्तमी) को प्रातःकाल श्री गरुड़वाहन पर भगवान की सवारी निकलेगी, जबकि सायंकाल श्री हनुमतवाहन पर भव्य शोभायात्रा होगी। 26 मार्च, गुरुवार (अष्टमी) को सिंहवाहन एवं गजवाहन पर भगवान की दिव्य सवारियां श्रद्धालुओं को दर्शन देंगी।
27 मार्च, शुक्रवार (नवमी) को भगवान काअवतारोत्सव और कल्याणोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन श्री मंगलगिरि पर भगवान की सवारी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। वहीं 28 मार्च, शनिवार (दशमी) को सरयू स्नान, पुष्पयाग, हवन पूर्णाहुति तथा ध्वजावरोहण के साथ महोत्सव का समापन होगा। सरयू नदी में भगवान का अवभृथ स्नान इस आयोजन का अत्यंत पवित्र क्षण माना जाएगा। श्रीब्रह्मोत्सव का संयोजन जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य जी महाराज के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। साथ ही अनेक संत-महात्मा और आचार्यगण इसमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। ब्रह्मोत्सव में देशभर के श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे इस दिव्य महोत्सव में शामिल होकर भगवान की सवारियों, कल्याणोत्सव एवं वैदिक अनुष्ठानों का पुण्य लाभ प्राप्त करें और धर्ममय वातावरण का अनुभव करें। अयोध्या नगरी इस अवसर पर भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिकता से सराबोर दिखाई दे रही है।

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