अम्बेडकरनगर जिले में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को सरल, सुलभ और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, सदरपुर के ऑडिटोरियम में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी कोटेदारों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शेष नॉन-केवाईसी उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी आगामी एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत पूरा कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक एलपीजी उपभोक्ता के लिए केवाईसी कराना अनिवार्य है, ताकि गैस सिलेंडर की निर्बाध और सुगम आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। इस बैठक में जनपद के समस्त कोटेदार, जिला पूर्ति अधिकारी, ऑयल कंपनियों (BPCL, HPCL, IOCL) के प्रतिनिधि, पूर्ति निरीक्षक और एलपीजी वितरक उपस्थित रहे। कोटेदारों को एलपीजी कनेक्शन धारकों के ई-केवाईसी से संबंधित मोबाइल ऐप और पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को सभी नॉन-केवाईसी उपभोक्ताओं की सूची संबंधित कोटेदारों को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के कनेक्शन वाले कुछ उपभोक्ता शहरी क्षेत्र में निवास कर रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं की मैपिंग कराकर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा, जिससे ई-केवाईसी प्रक्रिया में आने वाली बाधाएं दूर हो सकें। अन्य जानकारी देते हुए बताया गया कि शादी-विवाह और अन्य समारोहों के लिए 2000 क्विंटल से अधिक जलौनी लकड़ी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। स्कूल, अस्पताल, आवासीय विद्यालय, वृद्धाश्रम और अन्य महत्वपूर्ण उपयोग हेतु जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिला पूर्ति अधिकारी की समिति की स्वीकृति से सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने जनपद में किसी भी प्रकार की ओवर-रेटिंग की सूचना संबंधित पूर्ति निरीक्षक को देने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि शिकायत मिलने पर त्वरित विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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