अम्बेडकरनगर के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात यह हैं कि अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जबकि पुलिस सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सिमटती नजर आ रही है। ताजा मामला माधवपुर गांव का है, जहां 24 घंटे बीत जाने के बाद भी दो घरों में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी है। पीड़ित परिवार दहशत और निराशा में हैं, लेकिन पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं। इससे पहले महज एक हफ्ते के भीतर शेखपुरा गांव में भी दो घरों को चोरों ने निशाना बनाया था, जहां लाखों की संपत्ति पार हो गई, लेकिन पुलिस आज तक किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई। स्थिति यहीं नहीं रुकती। बरियावन बाजार में एक सर्राफा व्यवसायी के घर हुई बड़ी चोरी और मरैला गांव में एलआईसी एजेंट के घर लाखों की वारदात में भी पुलिस ने एफआर लगाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इन मामलों में न तो कोई ठोस जांच नजर आई और न ही अपराधियों तक पहुंचने की कोई गंभीर कोशिश। लगातार हो रही इन घटनाओं ने आम लोगों के मन में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। लोग अब अपने ही घरों में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पुलिस न तो समय पर घटनास्थल पर पहुंचती है और न ही जांच में कोई तेजी दिखाती है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक अकबरपुर की जनता इस तरह की लापरवाही का खामियाजा भुगतती रहेगी। अगर जल्द ही पुलिस ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया, तो कानून व्यवस्था पर से जनता का भरोसा पूरी तरह उठ सकता है।

Leave a Reply