सोनभद्र जनपद में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। सत्यापन अभियान के दौरान चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं, जिसमें 50,740 अपात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलता पाया गया है। इनमें मृतक व्यक्तियों के नाम पर भी सम्मान निधि की रकम निकाली जा रही थी। कृषि विभाग द्वारा कराए गए सत्यापन में 14,020 ऐसे लोग शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके नाम पर अब भी योजना का लाभ लिया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, 9,422 लोगों ने दोहरा पंजीकरण कराया था, जबकि 591 आयकरदाता नियमों के विपरीत योजना का लाभ उठा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि 569 मामलों में पति-पत्नी दोनों अलग-अलग आवेदन कर लाभ ले रहे थे। वहीं, 110 नाबालिग और 33,800 ऐसे लोग भी लाभार्थी सूची में शामिल पाए गए जिनके नाम पर कृषि भूमि नहीं है या वे अपनी भूमि बेच चुके हैं। विभाग की ओर से अपात्र लाभार्थियों की सूची जनवरी और मार्च 2026 में शासन को भेज दी गई है। साथ ही, संदिग्ध खातों पर रोक लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में ऐसे सभी लाभार्थियों की किस्तें बंद कर दी जाएंगी। इधर, शासन द्वारा फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य किए जाने के बावजूद जिले के करीब 35 हजार किसानों ने अब तक पंजीकरण नहीं कराया है, जिससे उनकी अगली किस्त अटक सकती है। कृषि विभाग ने किसानों से जल्द से जल्द रजिस्ट्री कराने की अपील की है। उप कृषि निदेशक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि व्यापक सत्यापन अभियान में 50 हजार से अधिक अपात्र लाभार्थियों की सूची शासन को भेजी गई है और आगे की कार्रवाई शासन के निर्देशानुसार की जाएगी। जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने कहा कि प्रदेश में वास्तविक किसानों की पहचान के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराई जा रही है। जिन किसानों की रजिस्ट्री नहीं होगी, उन्हें आगे योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे आधार कार्ड और राजस्व अभिलेख के साथ जल्द रजिस्ट्री कराएं। साथ ही, मृत लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया जारी है।

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