ललितपुर में एक अधिवक्ता के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में दो उपनिरीक्षकों, एक आरक्षी और एक होमगार्ड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर कोतवाली सदर पुलिस ने की है। ग्राम गनगौरा निवासी अधिवक्ता कृपाल सिंह ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को एक प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने बताया कि वह बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में पंजीकृत अधिवक्ता हैं। 7 दिसंबर 2025 की शाम उनके गांव के दो लोगों ने उनकी भांजी की गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी और मारपीट की थी। इस घटना की सूचना डायल-112 और दैलवारा चौकी पुलिस को दी गई थी। मौके पर पहुंचे उपनिरीक्षक ललित उज्जवल और उपनिरीक्षक दीपक डागर ने अधिवक्ता कृपाल सिंह और उनके चचेरे भाई केहर सिंह को उनके घर से हिरासत में लिया। आरोप है कि उन्हें पीटा गया और पीआरवी वाहन में बैठाकर कोतवाली ले जाया गया। अधिवक्ता के अनुसार, कोतवाली पहुंचने पर दोनों को हवालात में बंद कर दिया गया। कुछ देर बाद, उपनिरीक्षकों ने होमगार्ड परमाल सिंह से अधिवक्ता को बाहर निकलवाया। आरोप है कि एक कमरे में ले जाकर तीनों ने लात-घूंसों और पट्टों से उनकी पिटाई की। इसके बाद उनके चचेरे भाई को भी पीटा गया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि हवालात से दोबारा निकालकर उपनिरीक्षक दीपक डागर, ललित उज्जवल और आरक्षी दीपेंद्र ने फिर मारपीट की और इसका वीडियो भी बनाया। आरोपियों ने शिकायत या मेडिकल कराने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इसके बाद 8 दिसंबर 2025 को उनका चालान कर परगनाधिकारी के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। क्षेत्राधिकारी सदर सुनील भारद्वाज ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

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