लोकगायिका नेहा सिंह राठौर सुप्रीम कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत के बाद लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली पहुंचीं। बुधवार को पहलगाम आतंकी हमले और प्रधानमंत्री पर टिप्पणी से जुड़े मामले में वह कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए बेल बॉन्ड भरने आईं, जहां प्रशासनिक कारणों से उन्हें कुछ देर इंतजार करना पड़ा।
बेल बॉन्ड भरने पहुंचीं, SHO न मिलने से इंतजार
नेहा सिंह राठौर बुधवार को हजरतगंज कोतवाली पहुंचीं, जहां उन्होंने अग्रिम जमानत के आदेश के तहत बेल बॉन्ड की प्रक्रिया शुरू की।
उनके साथ मौजूद उनके पति हिमांशु ने बताया कि थाने में SHO के मौजूद न होने के कारण प्रक्रिया तत्काल पूरी नहीं हो सकी, जिससे उन्हें कुछ समय तक इंतजार करना पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत
नेहा सिंह राठौर को 10 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी।
शीर्ष अदालत की जस्टिस जे.के. महेश्वरी और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने उन्हें राहत देते हुए यह माना कि वह जांच एजेंसियों के सामने पेश हो चुकी हैं और अपना बयान दर्ज करा चुकी हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी से संरक्षण देते हुए आगे भी जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ा विवाद
यह पूरा मामला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ा है, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी।
आरोप है कि इस घटना के बाद किए गए सोशल मीडिया पोस्ट और गीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा पर टिप्पणी की गई थी, जिसके बाद मामला दर्ज हुआ।
हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां 7 जनवरी को उन्हें अंतरिम राहत मिली और अंततः 10 मार्च को अग्रिम जमानत प्रदान की गई।
FIR और गंभीर धाराओं में दर्ज केस
नेहा सिंह राठौर के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
इसमें उन पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने, सार्वजनिक शांति भंग करने और देश की एकता पर असर डालने जैसी धाराएं लगाई गईं। साथ ही आईटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
जांच जारी, सहयोग का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नेहा सिंह राठौर को जांच में लगातार सहयोग करना होगा।
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

Leave a Reply