अंबेडकरनगर में शिक्षा विभाग में धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) भियांव विवेक द्विवेदी ने उच्च प्राथमिक विद्यालय कुर्गीपुर की शिक्षिका कंचन देवी के खिलाफ शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन पर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने और विभाग को गुमराह करने का आरोप है। भियांव के घोरगहां मठिया निवासी कंचन देवी को 31 दिसंबर 2005 को बीएसए कार्यालय से नियुक्ति पत्र मिला था। उन्होंने 2 जनवरी 2006 को प्राथमिक विद्यालय सरखूपुर में कार्यभार ग्रहण किया था। लगभग दो वर्ष तक यहां तैनात रहने के बाद, 4 अगस्त 2008 को उन्हें पदोन्नत कर उच्च प्राथमिक विद्यालय कुर्गीपुर में नियुक्त किया गया। इस मामले का खुलासा 19 जनवरी 2024 को हुआ, जब शिक्षक भर्ती में अनियमितता की शिकायत एसटीएफ से की गई थी। शिक्षिका के शैक्षिक दस्तावेजों के अनुसार, उन्होंने वर्ष 1994 में गोंडा के लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज से बीएड किया था। विभाग ने इन अभिलेखों का सत्यापन संबंधित कॉलेज से कराया। सत्यापन में परीक्षा नियंत्रक ने पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया कि कंचन देवी ने उनके संस्थान से बीएड की शिक्षा प्राप्त नहीं की है और उनके अभिलेख कूट रचित हैं। एसटीएफ द्वारा उपलब्ध कराई गई जांच आख्या के आधार पर, 7 दिसंबर 2024 को साक्ष्य सहित पांच दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने के आदेश जारी किए गए थे, जिसका अनुस्मारक 5 अक्टूबर 2024 को भेजा गया। जवाब न मिलने पर, 11 फरवरी 2025 को कंचन देवी को निलंबित कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई और रिकवरी के आदेश दिए गए। थानाध्यक्ष थीरेंद्र आजाद ने बताया कि तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

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