अंबेडकरनगर में चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन श्रद्धालुओं ने मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही नवरात्र व्रत का समापन हो गया। जिले भर में रामनवमी का पर्व भी धूमधाम और आस्था के साथ मनाया जा रहा है।देवी भक्तों ने कन्याओं का पूजन किया, उन्हें प्रसाद खिलाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। यह परंपरा नवरात्र के समापन का प्रतीक है।घरों और मंदिरों में भगवान श्री राम की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। कई मंदिरों में रामचरितमानस का पाठ भी आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।रामनवमी पर्व के उपलक्ष्य में कई स्थानों पर धर्म ध्वजाएं लहराई गईं। शाम को शोभायात्रा निकालने का भी कार्यक्रम निर्धारित है। पूरे इलाके में भक्ति गीतों की गूंज सुनाई दे रही है, जिससे वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु ने त्रेता युग में असुरों के राजा रावण का संहार करने के लिए भगवान राम के रूप में सातवां अवतार लिया था। चैत्र मास की नवमी तिथि को अयोध्या के राजा दशरथ की पहली पत्नी कौशल्या ने भगवान राम को जन्म दिया था। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्मदिवस को ही रामनवमी के रूप में मनाने की परंपरा है।रामनवमी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है और भगवान श्री राम का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मंदिरों में ‘लहर-लहर लहराई रे ध्वजा बजरंगबली की’ और ‘कभी राम बनके, कभी श्याम बनके’ जैसे भक्ति गीत गूंज रहे हैं।

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