अम्बेडकरनगर जिले में हाल ही में डीजल और पेट्रोल की कथित किल्लत को लेकर अफरा-तफरी मच गई। कई पेट्रोल पंपों पर ‘नो डीजल/पेट्रोल’ के बोर्ड लगने के बाद लोग गैलन लेकर ईंधन भरने पहुंचे, जिससे पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने प्रेसवार्ता कर स्थिति स्पष्ट की। डीजल और पेट्रोल उपलब्ध जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बताया कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्याप्त मात्रा में डीजल और पेट्रोल उपलब्ध है। वर्तमान में जिले में डीजल की खपत से लगभग ढाई गुना अधिक स्टॉक मौजूद है, जबकि पेट्रोल भी खपत से करीब दोगुना उपलब्ध है। ऐसे में किसी भी प्रकार की कमी की बात पूरी तरह निराधार और अफवाह है। डीएम ने बताया कि जिले में कुल 166 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से केवल 5 पेट्रोल पंपों पर ही डीजल-पेट्रोल उपलब्ध नहीं था। यह किल्लत एक मार्केटिंग कंपनी की नई पॉलिसी के कारण आई थी। एडवांस पैसा जमा नहीं नई पॉलिसी के तहत, पहले पंप मालिकों को क्रेडिट पर तेल मिल जाता था, लेकिन अब उन्हें एडवांस भुगतान के बाद ही तेल की सप्लाई की जा रही है। जिन 5 पंप मालिकों ने एडवांस पैसा जमा नहीं किया था, उन्हें तेल नहीं मिला। जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि अब पैसा जमा कराकर इन पंपों को भी जल्द ही तेल उपलब्ध कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने कालाबाजारी करने वालों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति डीजल-पेट्रोल की कालाबाजारी करते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। डीएम ने भरोसा दिलाया उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन का स्टॉक न करें। डीएम ने भरोसा दिलाया कि जिले में आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

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