मेरठ के शास्त्री नगर एल ब्लॉक में डॉक्टर क्लीनिक की आड़ में सेक्स रैकेट चल रहा था। डॉक्टर दंपति ने इस तरह से पूरा नेटवर्क तैयार किया था, जिसमें शक की कोई गुंजाइश ही नहीं थी। क्लीनिक में एंट्री करते ही ओपीडी से पर्चा बन जाता था ताकि बचाव किया जा सके। इसके बाद घंटे के हिसाब से कमरा बुक हो जाता था। तीन तस्वीरें देखें… पहले एक नजर पूरी घटना पर
लोहिया नगर थाना क्षेत्र के एल ब्लॉक में अनिल गोयल का मकान है। मकान का निचला हिस्सा डॉक्टर दंपति केके गुप्ता और हेमा गुप्ता को किराए पर दिया हुआ था जबकि प्रथम तल पर शिक्षिका रह रही थी। शनिवार दोपहर कॉलोनी के लोगों ने मकान स्वामी को बुलाया और मकान के निकले हिस्से में पहुंच गए। उन्हें शक था कि यहां गलत गतिविधियां चल रही हैं। अंदर जो कुछ उन्हें मिला, उसने लोगों द्वारा किए जा रहे शक पर मोहर लगा दी। तीन महिला और दो युवक दबोचे
कॉलोनी के लोगों के मकान में घुसते ही खलबली मच गई। दंपति से लोगों की नोकझोंक होने लगी। लोगों ने कमरे में जमीन पर मौजूद गद्दे के बारे में पूछा तो दंपति बिगड़ गए। तभी लोहियानगर थाने की पुलिस भी पहुंच गई। कमरे से लोगों ने आपत्तिजनक सामान बरामद किया, जिनमें कुछ पाउच व शक्तिवर्धक टेबलेट मौजूद थी। इसके बाद दंपति किसी सवाल का जवाब नहीं दे पाए। कमरे में बंद मिली तीन युवतियां
दरअसल लोगों ने तीन युवतियों को मकान में जाते देखा था लेकिन युवतियां वहां नहीं मिलीं। इसके बाद पुलिस लोगों के कहने पर तीसरे कमरे पर पहुंची जो अंदर से बंद था। दरवाजा खुला तो अंदर तीन युवतियां मौजूद थी। लोगों ने हंगामा कर दिया। इसके बाद पुलिस डॉक्टर दंपति, दो युवक और तीनों युवतियों को लेकर थाने आ गई। हालांकि युवतियों को परिजनों की सुपुर्दगी में घर भेज दिया गया। दिसंबर में किराए पर लिया था फ्लैट
इस घटना ने कॉलोनी के लोगों को हैरान किया है। मकान स्वामी अनिल गोयल ने बताया कि दिसंबर में बुजुर्ग डॉक्टर दंपति ने 17 हजार रूपए में किराए पर फ्लैट लिया था। फ्लैट लेते ही उन्होंने अपना बोर्ड लगा दिया। लोगों को भी डॉक्टर का क्लिनिक खुलने से राहत महसूस हुई लेकिन किसी को नहीं पता था की क्लीनिक मात्र दिखावा है। यहां तो धंधा ही कुछ और चलाया जाना था। एक घंटे का करते थे 600 रूपए चार्ज
कहने को यह सेक्सोलॉजिस्ट का क्लीनिक था लेकिन यहां सेक्स रैकेट ही चलता था। दीपक और मोहसिन इस काम को संभाल रहे थे। 600 रूपए घंटे के हिसाब से कस्टमर लाया करते थे। अंदर ही अय्याशी की सारी सुविधा उपलब्ध होती थी। पुलिस की माने तो ग्राहक के आते ही युवतियों को सामने खड़ा कर दिया जाता था। अपनी पसंद के अनुसार ग्राहक युवती को कमरे में ले जाता था। सौदा पटते ही बन जाता था प्रिसक्रिप्शन
युवक और युवतियां कभी एक साथ अंदर नहीं जाते थे। दोनों के प्रवेश करने में समय का अंतर होता था। जाते ही डॉक्टर दंपति दोनों पक्ष का प्रिस्क्रिप्शन तैयार कर थमा देते थे, जिस पर उनके पार्टनर का नाम होता था। कमरे में पहुंच कर दोनों पर्चा बदल लेते। पकड़े जाने के बाद इन युवतियों ने यह प्रिस्क्रिप्शन ही पुलिस को दिखाया था कि वह ट्रीटमेंट के लिए आए हैं। डॉक्टर दंपति की हिस्ट्री खंगाल रही पुलिस
इस घटना ने डॉक्टरी पेशे को शर्मसार करने का काम किया है। सबसे बड़ी बात दोनों ही उम्र दराज हैं। हर किसी के जहन में यही सवाल है कि आखिर उन्हें इस काम को करने की जरूरत क्या पड़ी थी? पुलिस अब डॉक्टर दंपति को सलाखों के पीछे भेजने के बाद उनकी हिस्ट्री खंगालने में जुट गई है। दीपक और मोहसिन का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।

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