मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित एसकेजे लॉ कॉलेज में बुधवार को उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब एलएलबी प्रथम सत्र (2024–2027) के छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। परीक्षा में लगातार हो रही देरी से नाराज छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर में प्रिंसिपल चेंबर के बाहर नारेबाजी करते हुए जल्द परीक्षा कराने की मांग उठाई। छात्रों का आरोप है कि डेढ़ साल बीत जाने के बावजूद प्रथम सत्र की परीक्षा नहीं कराई गई, जिससे उनका भविष्य अंधकार में चला गया है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया कि वे एलएलबी 2024-2027 सत्र के नियमित विद्यार्थी हैं, लेकिन अब तक प्रथम सत्र की परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी है। छात्रों के अनुसार, सितंबर 2024 से जनवरी 2026 के बीच कई बार परीक्षा की संभावित तिथियां तय होने की बात कही गई, लेकिन हर बार परीक्षा को टाल दिया गया। इस लगातार देरी से छात्र मानसिक तनाव, असमंजस और आर्थिक परेशानियों से भी जूझ रहे हैं। छात्र सूरज कुमार ने बताया कि परीक्षा को लेकर छात्र लगातार एसकेजे लॉ कॉलेज और बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कई बार लिखित आवेदन देने के बावजूद उन्हें कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई। कॉलेज प्रशासन विश्वविद्यालय का हवाला देकर जिम्मेदारी टाल देता है, जबकि विश्वविद्यालय कॉलेज से जानकारी लेने को कह देता है। इस आपसी तालमेल की कमी के कारण छात्र दर-दर भटकने को मजबूर हैं। परीक्षा कब होगी, स्पष्ट नहीं छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनकी परीक्षा आखिर कब होगी। न तो कोई आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है और न ही कोई लिखित आदेश दिया गया है। जब भी छात्र जानकारी लेने कॉलेज पहुंचते हैं, तो उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। छात्रों की मांग है कि कॉलेज प्रशासन लिखित रूप में परीक्षा की तिथि घोषित करे और देरी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। छात्रा प्रीति कुमारी ने कहा कि समय पर परीक्षा कराना छात्रों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि 2024–2027 सत्र के छात्र होने के बावजूद अब तक परीक्षा नहीं होना कॉलेज और विश्वविद्यालय दोनों की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इससे न केवल उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि आगे की पढ़ाई और करियर पर भी गहरा असर पड़ रहा है। सत्र में लगभग 300 छात्र नामांकित छात्रों के अनुसार, एसकेजे लॉ कॉलेज में एलएलबी 2024–2027 सत्र में लगभग 300 छात्र नामांकित हैं, जबकि बीए एलएलबी पाठ्यक्रम में भी करीब 300 छात्र अध्ययनरत हैं। इस तरह कुल 600 छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। छात्रों का कहना है कि यदि जल्द परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की गई, तो वे आंदोलन को और तेज करने को मजबूर होंगे। मामले को लेकर एसकेजे लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल केएन तिवारी ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है। उन्होंने बताया कि परीक्षा और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी अड़चनों को दूर करने के लिए बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से लगातार संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही इस दिशा में ठोस निर्णय लिया जाएगा, ताकि छात्रों को राहत मिल सके।
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