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मुजफ्फरपुर में राज्य आयोग की प्रमंडल स्तरीय बैठक:उच्च जातियों के विकास को लेकर चर्चा, कहा- कई लोग योजनाओं के फायदे से वंचित

मुजफ्फरपुर में उच्च जातियों की वर्तमान सामाजिक-आर्थिक स्थिति की समीक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए मीटिंग हुई। कार्ययोजना तैयार करने को लेकर राज्य आयोग, बिहार की तिरहूत प्रमंडल स्तरीय बैठक बुधवार को मुजफ्फरपुर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष डॉ. महाचन्द्र प्रसाद सिंह ने की। बैठक में उपाध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, सदस्य जय कृष्ण झा सहित आयोग के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान मुजफ्फरपुर प्रमंडल के विभिन्न जिलों के विकास और कल्याण काम से जुड़े अधिकारी, बुद्धिजीवी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। उच्च जातियों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर फोकस बैठक में उच्च जातियों के आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के सशक्तिकरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। अध्यक्ष डॉ. महाचन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि राज्य सरकार उच्च जातियों के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य आयोग का गठन किया गया है, ताकि जरूरतमंद वर्गों तक योजनाओं का फायदा प्रभावी तरीके से पहुंच सके। ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र में आ रही दिक्कतें उठीं बैठक में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने बताया कि EWS प्रमाण पत्र बनवाने में लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण कई पात्र लोग योजनाओं के फायदे से वंचित रह जाते हैं। इस पर वरीय उप समाहर्ता, मुजफ्फरपुर ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 6270 आवेदन हासिल हुए हैं। इनमें से 6222 आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया है, जबकि 48 आवेदन अंचल स्तर पर अस्वीकृत किए गए हैं। इस पर अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि अस्वीकृत 48 आवेदनों के कारणों की जांच की जाए। साथ ही प्रमंडलीय आयुक्त, मुजफ्फरपुर को निर्देशित किया गया कि तिरहूत प्रमंडल के सभी अंचलों से EWS प्रमाण पत्र से जुड़े स्वीकृत, अस्वीकृत और लंबित आवेदनों की सूची तैयार कर एक माह के भीतर आयोग को उपलब्ध कराई जाए। प्रमाण पत्र की वैधता पर स्पष्ट निर्देश बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ नियोजन इकाइयों की ओर से EWS प्रमाण पत्र को केवल वित्तीय वर्ष तक ही मान्य किया जा रहा है, जबकि नियम के अनुसार यह निर्गत तिथि से एक वर्ष तक वैध होता है। इस पर अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार एक साल की वैधता को ही मान्य किया जाए, ताकि EWS वर्ग को अनावश्यक परेशानी न हो। अन्य योजनाओं में EWS को बराबरी देने की तैयारी उपाध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने विकास एवं योजना से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया कि अन्य वर्गों को मिल रही सरकारी योजनाओं के लाभ से संबंधित आंकड़े संकलित कर आयोग को उपलब्ध कराएं, ताकि उच्च जातियों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी समान योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आगे की कार्रवाई की जा सके। बुद्धिजीवियों के प्रमुख सुझाव बैठक में बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से कई सुझाव रखे गए, जिनमें— EWS प्रमाण पत्र की वैधता एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष करने का प्रस्ताव। राज्य के सभी निजी स्कूलों में RTE के तहत EWS वर्ग के बच्चों को आरक्षण देने की मांग। केन्द्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालयों में EWS वर्ग के लिए सीट आरक्षित करने का सुझाव। EWS प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया को और सरल बनाने की मांग। राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में EWS अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा पुरुषों के लिए 40 साल और महिलाओं के लिए 45 साल करने का प्रस्ताव। जिला स्तर पर कल्याण विभाग की ओर से संचालित प्राग प्रशिक्षण संस्थानों का फायदा EWS अभ्यर्थियों को भी देने का सुझाव। सरकार को भेजी जाएंगी अनुशंसाएं राज्य आयोग ने बताया कि बैठक में मिले सभी सुझावों के आधार पर राज्य सरकार को विस्तृत अनुशंसाएं भेजी जाएंगी, ताकि उच्च जातियों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को शिक्षा, रोजगार और योजनाओं में वास्तविक और प्रभावी फायदा मिल सके।


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