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न्यूजीलैंड में फिर नगर कीर्तन के खिलाफ उतरे कीवी:ब्रायन टमाकी ग्रुप ने कहा- कल्चर बर्बाद नहीं होने देंगे; 20 दिन में दूसरी बार विरोध

न्यूजीलैंड में एक बार फिर सिख नगर कीर्तन का विरोध किया गया है। 20 दिन के अंदर ये दूसरी बार है। हालांकि इस बार नगर कीर्तन को रोका नहीं गया। इसके खिलाफ डेस्टिनी चर्च से जुड़े ब्रायन टमाकी के समुह ने सड़कों पर उतरकर हाका डांस किया।
टमाकी और उनके समर्थकों ने नारे लगाए। कहा कि ये किसकी गलियां हैं, हमारी गलियां हैं। यहां पर सरेआम तलवारें और झंडे लहराने की इजाजत किसने दी। हम अपने कल्चर को इस तरह से बर्बाद नहीं होने देंगे। हम किसी को भी अपनी सड़कों और गलियों का इस्तेमाल हमारे देश के कल्चर को बिगाड़ने के लिए नहीं देंगे। उधर, सिख युवकों ने टमाकी के हाका डांस के बावजूद शांतिपूर्ण ढंग से नगर कीर्तन निकाला। करीब 20 दिन पहले भी साउथ ऑकलैंड के उपनगर मनुरेवा में भी ब्रायन टमाकी समर्थकों ने हाका किया था। इस दौरान नगर कीर्तन को रोक लिया गया था। पुलिस ने बीच-बचाव कर हाका खत्म करवाया था। सिखों ने भी वाहेगुरु जी का खालसा, श्री वाहेगुरुजी के फ्तेह के जयकारे लगाए थे। इस बार टौरंगा शहर में नगर कीर्तन के बराबर हाका प्रदर्शन
ब्रायन टमाकी समूह ने रविवार सुबह टौरंगा शहर में सिख समुदाय के नगर कीर्तन के खिलाफ लोगों को एकत्रित किया। जब सड़कों से नगर कीर्तन निकल रहा था तो एक पार्क में एकत्रित होकर टमाकी ने हाका प्रदर्शन किया। इस दौरान ट्रू पैट्रियट्स नामक समूह ने विरोध दर्ज कराया। समूह ने हिंसा या तोड़फोड़ की जगह पारंपरिक हाका नृत्य के जरिए अपनी असहमति जताई। सड़कों पर गूंजे हमारी सड़कें, हमारी गलियां नारे
प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाकर कहा- हूज स्ट्रीट्स, आवर स्ट्रीट्स, हूज स्ट्रीट्स, कीवी स्ट्रीट्स। प्रदर्शन करने वालों ने कहा कि वे न्यूजीलैंड की पहचान और संस्कृति की रक्षा के लिए खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हथियारों के साथ नगर कीर्तन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। न्यूजीलैंड की सड़कों पर तलवारें, खंजर जैसे हथियार दिखाए गए। उनका कहना है कि यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा है, इसके पीछे एक एजेंडा है। घोषणापत्र जारी किया, 31 को इससे बड़े प्रदर्शन की चेतावनी
ट्रू पैट्रियट्स नामक ग्रुप ने न्यूजीलैंड सरकार के सामने अपना एजेंडा रखा। इसका बाकायदा घोषणापत्र जारी किया गया। इसमें उन्होंने मांग उठाई कि वे झंडे, परिवार, विश्वास और भविष्य की रक्षा करेंगे। न्यूजीलैंड को ईसाई नींव पर फिर से स्थापित करेंगे। सरकार पर आरोप लगाया कि उसने राष्ट्रीय पहचान की रक्षा नहीं की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर सरकार ने बाहरी लोगों को नहीं निकाला, दोबारा से इसाइयों को नहीं बसाया तो बड़ा आंदोलन होगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 31 जनवरी को ऑकलैंड हार्बर ब्रिज पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। 20 दिन पहले भी किया था नगर कीर्तन का विरोध
करीब 20 दिन पहले भी न्यूजीलैंड में लोकल लोगों ने सिख समुदाय की तरफ से निकाले जा रहे नगर कीर्तन का विरोध किया था। उन्होंने नगर कीर्तन का रास्ता रोक दिया था। प्रदर्शनकारियों ने ‘दिस इज न्यूजीलैंड, नॉट इंडिया’ यानी यह न्यूजीलैंड है, भारत नहीं और ‘न्यूजीलैंड को न्यूजीलैंड ही रहने दो, यह हमारी जमीन है, यही हमारा स्टैंड है’ के बैनर लहराए थे। यह प्रदर्शन उस वक्त हुआ था, जब सिख समुदाय का नगर कीर्तन गुरुद्वारे लौट रहा था। हालांकि न्यूजीलैंड पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बीचबचाव किया और प्रदर्शनकारियों को हटा दिया। सीएम मान ने की थी केंद्र सरकार से दखल देने की अपील
इस मामले में पंजाब सीएम भगवंत मान का बयान भी आया था। उन्होंने कहा था कि हर व्यक्ति को अपने धर्म का प्रचार-प्रसार करने का हक है। न्यूजीलैंड डेवलप्ड कंट्री है, इस तरह का वहां पहले कभी नहीं सुना था। केंद्र सरकार को न्यूजीलैंड सरकार से बात करनी चाहिए। एंटी इमिग्रेशन पूरी दुनिया में चला हुआ है। हमारी कौम सरबत का भला मांगने वाली कौम है। CM ने आगे कहा था- बाहर कोई ऐसी घटनाएं होती हैं तो उसमें भी हमारा नाम लग जाता है। केंद्र सरकार को राजदूत को बुलाकर इस पर सख्त एतराज जताना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि हमारे नागरिक शांति पसंद हैं। उनका न्यूजीलैंड के विकास में बहुत योगदान है। क्या है हाका प्रदर्शन, जो न्यूजीलैंड के लोगों ने किया… ——————— ये खबर भी पढ़ें……… न्यूजीलैंड में सिख समुदाय के नगर कीर्तन का विरोध:लोकल लोगों के ग्रुप ने रास्ता रोका; बैनर में लिखा- ये न्यूजीलैंड है, इंडिया नहीं न्यूजीलैंड में लोकल लोगों ने सिख समुदाय की तरफ से निकाले जा रहे नगर कीर्तन का विरोध कर दिया। उन्होंने नगर कीर्तन का रास्ता रोक दिया। इसके बाद आगे खड़े होकर हाका प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘दिस इज न्यूजीलैंड, नॉट इंडिया’ यानी यह न्यूजीलैंड है, भारत नहीं और ‘न्यूजीलैंड को न्यूजीलैंड ही रहने दो, यह हमारी जमीन है, यही हमारा स्टैंड है’ के बैनर लहराए। (पूरी खबर पढ़ें)


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