जहानाबाद में प्राथमिक शिक्षक संघ के नेता स्वर्गीय बृजनंदन शर्मा के निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया। लक्ष्मी सांगवेद संस्कृत प्रा. सह उच्च विद्यालय में आयोजित इस सभा में शिक्षक समाज ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शिक्षकों ने स्वर्गीय शर्मा को अपना अभिभावक और पथप्रदर्शक बताया। बिहार प्रदेश संस्कृत शिक्षक संघ के संरक्षक डॉ. एस. के. सुनील ने शोक सभा की अध्यक्षता करते हुए स्वर्गीय बृजनंदन शर्मा को शिक्षकों का महानायक बताया। डॉ. सुनील ने कहा कि स्वर्गीय बृजनंदन बाबू ने अपने जीवन के 70 वर्षों से अधिक समय शिक्षकों के अधिकार, वेतनमान, सेवा शर्तों और सम्मान की लड़ाई को समर्पित कर दिया। ऐतिहासिक योगदान का किया उल्लेख उन्होंने प्राथमिक शिक्षकों को जिला बोर्ड की अधीनता से मुक्त कर राज्यकर्मी का दर्जा दिलाने, वेतनमान और अन्य सेवा लाभ दिलाने में उनके ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख किया। डॉ. सुनील ने यह भी बताया कि वे संस्कृत शिक्षकों के हितों के लिए सदैव मजबूती से खड़े रहे। इस अवसर पर लक्ष्मी सांगवेद संस्कृत प्रा. सह उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक और बिहार प्रदेश संस्कृत शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष उपेंद्र कुमार ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय बृजनंदन शर्मा ने आज़ादी के बाद से ही शिक्षकों के अधिकारों के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया था। शिक्षकों के प्रतिनिधि के रूप में कर चुके थे वार्ता उन्होंने बताया कि बृजनंदन शर्मा बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह से शिक्षकों के प्रतिनिधि के रूप में वार्ता कर चुके थे और बिहार में तीन पीढ़ियों के शिक्षकों का नेतृत्व करते हुए बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के आजीवन अध्यक्ष रहे। शोक सभा में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों ने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उपस्थित शिक्षकों में वेंकटेश संस्कृत उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य आचार्य अमरेश जी और वासुदेव संस्कृत विद्यालय चैनपुरा के प्रधानाध्यापक राजेश कुमार भी शामिल थे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय बृजनंदन शर्मा को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
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