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जमुई में 3 महिलाओं को मृत बताकर पेंशन बंद:जीवित होने का प्रूफ दे रहीं, 2 साल से काट रहीं दफ्तरों के चक्कर

जमुई के बरहट प्रखंड में तीन जीवित महिलाओं को मृत घोषित कर उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई है। ये महिलाएं पिछले 2 साल से अपनी पेंशन दोबारा शुरू कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। टेंगहरा गांव की 81 साल की शकुंती देवी और 77 साल की रूना देवी के साथ-साथ नूमर गांव की सकली देवी भी इस समस्या से जूझ रही हैं। उन्हें पोर्टल पर मृत दर्शाया गया है, जिसके कारण उनकी पेंशन रोक दी गई है। महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया आरोप है कि विकास मित्रों और प्रखंड कार्यालय के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण बिना उचित जांच-पड़ताल के ही इन महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया। पोर्टल पर भी यही जानकारी अपडेट कर दी गई है। 2 साल बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं मलयपुर पंचायत के वार्ड संख्या 3 की सदस्य नीलम कुमारी ने बताया कि रूना देवी उनके वार्ड की निवासी हैं। रूना देवी ने उनसे संपर्क किया था, जिसके बाद नीलम कुमारी स्वयं उनके साथ चार-पांच बार प्रखंड कार्यालय गईं और संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर जानकारी दी। अधिकारियों ने सुधार का आश्वासन दिया था, लेकिन 2 साल बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। प्रखंड में 49 अन्य ऐसे लाभार्थी भी हैं जिनकी पेंशन उनके खातों में नहीं पहुंच रही है। कर्मचारियों के अनुसार, इसका कारण अकाउंट केवाईसी या अन्य तकनीकी खामियां हैं। पिछले दो साल से पेंशन नहीं मिली – रूना देवी 77 साल की रूना देवी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उन्हें पिछले दो साल से पेंशन नहीं मिली है। जब वह प्रखंड कार्यालय पहुंचीं, तो कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। उन्हें जीवित होने का प्रमाण देने को कहा गया, लेकिन कई बार आवेदन देने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। टेंगहरा की शकुंती देवी की पेंशन एक साल से बंद है। पोर्टल पर उसे भी मृत बता दिया गया है। सकली देवी नूमर गांव की सकली देवी दफ्तर का चक्कर लगाकर परेशान हो गयी हैं। जिंदा होने का प्रमाण पत्र भी दिखा रही है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकाल रहा है। 49 लाभुकों के खाते में नहीं जा रही पेंशन, नहीं हो रहा सुधार इतना नहीं बल्कि बरहट प्रखंड में वृद्धा पेंशन की राशि खाते में नहीं आने का यह पहले कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी कटौना के कुपेश कुमार सिंह, बरियारपुर के जदावी यादव,अनार देवी बरियारपुर, सारो देवी डाढ़ा, रूपलाल पंडित गुगुलडीह, मंजू देवी डाढ़ा, शकुनी देवी डाढ़ा, संझा देवी लखैय, उमा देवी लखैय, कमली देवी गुगुलडीह, हाफिज मियां गुगुलडीह,कमली देवी, देव कुमार लखैय, मथुरा रविदास डाढ़ा, जानकी देवी बरियारपुर, भवानी देवी कटौना,पार्वती देवी नूमर, तुलसी मांझी मलयपुर, इंदिरा देवी नूमर सहित 49 ऐसे लाभुक है जिनकी खाते में वृद्धा पेंशन की राशि नहीं जा रही है। कई के खाता बदलना है किसी के उम्र अधिकतम कहीं में योजना बदलाव जैसे अन्य शब्द पोर्टल पर लिखी हुई है इस कारण यह लोग कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर है। विकास मित्र को किया है जवाब-तलब तीन महिलाओं के जीवित होने के बावजूद सरकारी पोर्टल पर मृत घोषित होने की जानकारी नहीं है। संबंधित कर्मचारी से जानकारी ली है। विकास मित्र फुलेश्वर मांझी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पूरे प्रकरण में यदि विभाग का कोई कर्मी के संलिप्त हैं तो उसपर प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। – श्रवण पांडेय, बीडीओ, बरहट


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