गया में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के प्रदेश सचिव डॉ. चंदन कुमार यादव ने आज अपने पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रेस वार्ता कर पार्टी संगठन पर गंभीर आरोप लगाए। डॉ. यादव ने अपने त्यागपत्र में कहा कि जदयू में अब संगठनात्मक लोकतंत्र खत्म हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सालों से पार्टी को सींचने वाले समर्पित ‘नीतीशवादी’ कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उनके अनुसार, कुछ मुट्ठी भर स्वयंभू नेता अपने करीबी लोगों को संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर स्थापित कर रहे हैं, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। डॉ. यादव ने बताया कि वे पिछले 20 से 25 साल से छात्र जीवन के समय से ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जनता दल यूनाइटेड के लिए निरंतर काम करते आ रहे हैं। उन्होंने उस दौर में भी पार्टी का प्रचार-प्रसार किया, जब गया में राजद के बाहुबली नेताओं का दबदबा था और कार्यकर्ता खुलकर राजनीति करने से डरते थे। उन्होंने अपने जान-माल की परवाह किए बिना पार्टी को मजबूत करने का काम किया। मुख्यमंत्री से मुलाकात संभव नहीं प्रदेश सचिव ने यह भी आरोप लगाया कि आज पार्टी की स्थिति यह हो गई है कि पार्टी मुख्यालय में बैठे कुछ तथाकथित ‘मठाधीशों’ की परिक्रमा किए बिना न तो संगठनात्मक दायित्व मिलता है और न ही मुख्यमंत्री से मुलाकात संभव है। ऐसे में ‘नीतीशवादी’ विचारधारा के समर्पित कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी में कोई स्थान नहीं बचा है। इस्तीफे के संबंध में डॉ. यादव ने कहा कि यह त्याग किसी व्यक्तिगत नाराजगी के कारण नहीं, बल्कि पार्टी और नेता के हित में किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को मौका देना है जो नेतृत्व की अपेक्षाओं पर खरे उतरते हों। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना राजनीतिक आदर्श बताते हुए कहा कि वे हमेशा उनके शुभचिंतक रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात का गहरा दुख रहेगा कि वे अपने जैसे लाखों पुराने और समर्पित नीतीशवादी कार्यकर्ताओं को उनका हक नहीं दिला सके। पार्टी नेतृत्व से उन्होंने सहानुभूतिपूर्वक उनके इस्तीफे को स्वीकार करने की अपील की है।
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