गोपालगंज में बुधवार को कड़ाके की ठंड और सर्द पछुआ हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। पिछले कुछ दिनों से जारी शीतलहर के बीच, बुधवार सुबह से 8 से 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही पछुआ हवाओं ने कनकनी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। गोपालगंज का न्यूनतम तापमान 8°C से 9°C के बीच बना हुआ है, जिससे सुबह के समय घर से निकलना मुश्किल हो गया है। पछुआ हवा की वजह से ‘चिल फैक्टर’ का असर दिख रहा है, यानी वास्तविक तापमान से कहीं अधिक ठंड महसूस की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में लोग ले रहे अलाव का सहारा शीतलहर की गंभीरता को देखते हुए जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में लोग जगह-जगह अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। गांवों में लोग धान के पुआल और लकड़ियों का सहारा ले रहे हैं। पशुपालक भी अपने मवेशियों को ठंड से बचाने के लिए बोरियों और अलाव का उपयोग कर रहे हैं। बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी ने कड़ाके की ठंड के कारण कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 8 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है। सुबह के समय कोहरा और धुंध होने के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। लंबी दूरी की बसें और ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। आसमान में बादल भी छाए हुए हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह सदर अस्पताल में सांस और हृदय रोग के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। डॉक्टरों ने इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।पछुआ हवाओं के सीधे संपर्क में आने से सर्दी-खांसी,जोड़ों का दर्द और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दानिश अहमद ने बताया कि ठंड काफी बढ़ गई है इस मौसम गर्म कपड़े पहने बीपी शुगर के मरीजों को खास ख्याल रखे, दवा समय पर लें। कुछ दी दिक्कत होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से सलाह लें। वही मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक इसी तरह की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है।
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