किशनगंज में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। बर्फीली पछुआ हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत की शीतलहर का असर बिहार, खासकर किशनगंज जैसे जिलों में स्पष्ट दिख रहा है। पिछले कुछ दिनों से किशनगंज का न्यूनतम तापमान 8-10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। दिन का अधिकतम तापमान भी 18-20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं जा पा रहा है। 10-15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाएं (पछुआ हवाएं) ठंड को और बढ़ा रही हैं। सड़क मार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही धीमी पड़ गई घने कोहरे के कारण सुबह-शाम दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम हो जाती है। इससे सड़क मार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही धीमी पड़ गई है। कई स्थानों से सड़क दुर्घटनाओं की खबरें भी सामने आई हैं। इस शीतलहर से गरीब, दिहाड़ी मजदूर, बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। सड़कों पर अलाव की व्यवस्था बढ़ गई है, लेकिन कई गरीब परिवारों के पास गर्म कपड़े या ईंधन का अभाव है। बच्चों की सेहत पर भी इसका असर दिख रहा मजदूर वर्ग को काम पर जाने में कठिनाई हो रही है, क्योंकि सुबह देर तक कोहरा छाया रहता है और ठंड में बाहर निकलना मुश्किल है। बच्चों की सेहत पर भी इसका असर दिख रहा है, सर्दी, खांसी और बुखार के मामलों में वृद्धि हुई है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। किशनगंज की मुख्य बाजारें अब सूनी दिख रही ठंड के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। आम दिनों में गुलजार रहने वाली किशनगंज की मुख्य बाजारें अब सूनी दिख रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। जिला पदाधिकारी विशाल राज ने लोगों से अपील की है कि वे गर्म कपड़े पहनें, अलाव का सहारा लें और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें।
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