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मथुरा में फरसा वाले बाबा की मौत:गोरक्षक बोले- दूसरी लेन वाले ट्रक ने जानबूझकर कुचला, नागालैंड नंबर वाला कंटेनर क्यों छिपा रही पुलिस

मथुरा में चंद्रशेखर सिंह (45) की मौत हादसा है या हत्या…इसकी गुत्थी सुलझती नजर नहीं आ रही है। गोसेवा के लिए जाने जाने वाले चंद्रशेखर सिंह ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर थे। पूरे घटनाक्रम को लेकर थ्योरी सामने आई है कि चंद्रशेखर सिंह गोतस्करों का पीछा कर रहे थे, उसी दौरान राजस्थान नंबर के ट्रक ने कुचल दिया। हालांकि बाबा के समर्थक इसे हत्या करार दे रहे हैं, जबकि पुलिस हादसा बता रही है। इस सबके बीच अहम कड़ी नागालैंड नंबर का वो कंटेनर है, जिसका चंद्रशेखर सिंह पीछा कर रहे थे। पुलिस का दावा है कि उसमें साबुन-सैंप था, लेकिन वो कंटेनर कहां है? पुलिस ने उसे कहां रखा है? अगर वाकई में उसमें साबुन-सर्फ ही था तो कंटेनर को अज्ञात जगह पर क्यों रखा गया? सबसे पहले पूरा मामला जानिए…. 45 साल के चंद्रशेखर उर्फ फरसा बाबा की शनिवार सुबह 5 बजे ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। वह गो-तस्करी के शक में कंटेनर की जांच कर रहे थे, तभी पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी। बाबा के साथियों ने दावा किया कि गो-तस्करों ने ट्रक से कुचलकर हत्या की है। पुलिस इसे हादसा बता रही है। बाबा की मौत की खबर मिलते ही लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। हजारों लोग मथुरा के छाता कस्बे में सड़क पर उतर आए। गुस्साए लोगों ने दिल्ली-कोलकाता हाईवे जाम कर दिया। झड़प हुई। प्रशासन ने बड़ी मुश्किल से हालात पर काबू पाया। हादसे के बाद एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें बाबा जमीन पर पड़े हैं और उनके पास म्यान के साथ एक तलवार भी पड़ी है। जबकि, राजस्थान नंबर का ट्रक के आगे का हिस्सा डैमेज दिख रहा है। जिस ट्रक ने टक्कर मारी उसके ड्राइवर अलवर निवासी खुर्शीद की भी आगरा में इलाज के दौरान मौत हो गई है। गोरक्षक बोला- जानबूझकर टक्कर मारी बाबा की गोशाला में रहने वाले गोरक्षक हरिओम ने बताया कि फरसा वाले बाबा के पास रात करीब 3 बजे किसी ने फोन किया। सूचना दी कि कोसी में नेशनल हाईवे से गोवंश उठाया जा रहा है। इस पर बाबा मुझे और एक और गोरक्षक कान्हा को अपनी बाइक से लेकर मौके पर पहुंचते हैं। बाबा के पहुंचते ही नागालैंड नंबर का कंटेनर दिल्ली की तरफ भागने लगता है। बाबा पीछा करते हैं और उसे नवीपुर इलाके में रोक लेते हैं। बाबा बाइक से उतरकर कंटेनर चेक कर थे इसी दौरान पीछे से आए राजस्थान नंबर के ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। गोरक्षक हरिओम ने बताया कि राजस्थान नंबर के ट्रक ने जानबूझकर टक्कर मारी है। बाबा किनारे खड़े नागालैंड नंबर के कंटेनर को चेक कर रहे थे, उसी दौरान बीच लेन में चल रहे ट्रक ने किनारे आकर टक्कर मारी है। मैं महाराज जी से चंद कदम दूर था। महाराज जी ने मुझे धक्का मार दिया नहीं तो मैं भी उस ट्रक की चपेट में आता। हरिओम ने बताया तस्करों को पुलिस का भी भय नहीं है। हरिओम का कहना है कि अगर उस कंटेनर में कुछ गलत नहीं था तो उसमें बैठे लोग भागे क्यों? हरिओम का कहना है कि कंटेनर में गाय थीं। यही वजह है कि बीच में चल रहे ट्रक ने जानबूझकर टक्कर मारी है। जिस जगह घटना हुई वहां पर्याप्त लाइट बाबा के साथ मौजूद दूसरे साथी कान्हा ने बताया कि जिस जगह घटना हुई वहां आप जाकर देख सकते हैं कि कितनी लाइट है। बीच में चल रहे ट्रक ने महाराज जी को देखकर डायरेक्ट टक्कर मारी है। महाराज जी को मौका नहीं दिया। टक्कर के बाद तीनों ऑन स्पॉट भागे हैं। तीनों मुसलमान थे इसलिए पुलिस ने निकाल दिया कि जनता मार देगी। कान्हा का कहना है कि हम दो बाइक पर छह लोग थे। महाराज जी रोज पहरे पर निकलते थे। कान्हा का कहना है कि ये केवल साजिश है। इसी पाइंट पर तीन साल पहले गोरक्षक सोनू सरपंच को भी मारा गया था। कान्हा का दावा है कि प्रशासन सीसीटीवी खंगालेगा तो दिखेगा कि उस वाहन में गाय थीं। पुलिस ने अब तक कंटेनर की बरामदगी क्यों नहीं दिखाई। जानिए कौन हैं फरसा वाले बाबा चंद्रशेखर बाबा का घर मथुरा में बरसाना रोड पर छाता इलाके के आजनौंख गांव में है। कई साल के गोसेवा कर रहे हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि फरसा वाले बाबा हमेशा गाय के लिए समर्पित रहे। शुरुआत में बरसाना इलाके में गायों को लेकर जब भी कोई समस्या सामने आती, लोग बाबा को ही बताते। वह गायों की मदद करके धीरे-धीरे इलाके में प्रसिद्ध हो गए। गोसेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले फरसा वाले बाबा का तस्करों में इस कदर खौफ था कि उनकी मौजूदगी का पता चलते ही वह अवैध रूप से ले जाए जाने वाले गोवंश को छोड़कर भाग खड़े होते थे। बाबा के बड़े भाई केशव सिंह बताते हैं- छोटे भाई की उम्र 45 साल थी। मूलरूप से फिरोजाबाद के सिरसागंज लंगड़ा के रहने वाले हैं। वह दस साल की उम्र में ही बाबा बन गए थे। परिवार में हम दोनों ही सगे भाई थे। मेरे 4 बेटे, 4 बहुएं, 7 पोते और 6 पोतियां हैं। बाबा ने शादी नहीं की है। केशव सिंह का कहना है कि हम लोग अयोध्या में रहते हैं। पहले बाबा भी हमारे साथ अयोध्या में रहते थे। बाद में वह मथुरा आ गए। केशव सिंह ने दोषियों को फांसी देने की मांग की है। हालांकि पूरे प्रकरण को लेकर DIG शैलेश पांडे ने बताया जिस ट्रक ने टक्कर मारी उसमें कोई गोवंश नहीं मिला। DM चंद्र प्रकाश सिंह ने भी बताया सुबह कोहरा बहुत था पीछे से आ रहे ट्रक ने कंटेनर में टक्कर मारी जिसकी बजह से बाबा दोनों के बीच आ गए और उनकी मौत हो गई। यह प्रथम दृष्टया हादसा नजर आता है। कोसी थाना प्रभारी राजकमल ने बताया कि कंटेनर पकड़ लिया गया है। हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि कंटेनर कहां रखा गया है। बड़ा सवाल ये है कि अगर कंटेनर में वाकई साबुन और सर्फ था तो उसे छिपाया क्यों जा रहा है?
———————— ये खबर भी पढ़ें… मथुरा में साधु की मौत पर हंगामा, पथराव:पुलिस की गाड़ियां तोड़ीं; आरोप- गोतस्करों ने ट्रक से कुचला, पुलिस बोली- हादसा मथुरा में साधु चंद्रशेखर सिंह (45) की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। वह ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर थे। घटना के बाद जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए लोगों ने बाबा का शव रखकर हाईवे जाम कर दिया। बाबा के एक साथी ने दावा किया- शनिवार तड़के बाबा 2 साथियों के साथ ट्रक का पीछा कर रहे थे। ट्रक में गोवंश होने की सूचना थी। ट्रक को ओवरटेक कर बाबा ने सामने बाइक खड़ी कर दी। तभी अचानक ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ा दी और बाबा को कुचलते हुए भाग गया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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