अलीगढ़ में भाजयुमो महानगर टीम के बीच हुई गैंगवार की नींव काफी पहले ही रखी जा चुकी थी। कुछ वरिष्ठ नेताओं के संरक्षण में अवैध धंधों को लेकर झगड़ों की शुरुआत करीब दो साल पहले ही हो चुकी थी, जो अब खूनी संघर्ष में बदल गई। ताजा मामला 12 मार्च को सराय हकीम में हुई फायरिंग का है। भाजयुमो के दो गुटों में भरे बाजार हुई ताबड़तोड़ फायरिंग ने जहां पूरे महकमे को हिलाकर रख दिया और लोग जान बचाने के लिए दौड़ते हुए नजर आए। बावजूद इसके स्थानीय शीर्ष नेतृत्व घटना पर चुप्पी साधे हुए पड़ा है। सत्ता की हनक और अवैध धंधों का सिंडिकेट सूत्रों की मानें तो इस गैंगवार की जड़ें संगठन से ज्यादा इलाके के अवैध धंधों (सट्टा, गांजा और संरक्षण) में दबी हैं। भाजपा के ही कुछ वरिष्ठों और जनप्रतिनिधियों के हाथ इन युवाओं की पीठ पर हैं, जो इन्हें वोट बैंक और भीड़ के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इनके अपराधों पर आंखें मूंद लेते हैं। 3 साल में हुईं 3 बड़ी वारदातें भाजयुमो के भीतर पहले भी गुटबाजी की घटनाएं होती रही हैं। नेताओं पर हत्या, फायरिंग और अवैध धंधों के आरोप लग चुके हैं। ये हैं कुछ बड़ी घटनाएं…. 2024 (सासनी गेट कांड): भाजयुमो और बजरंग दल के पदाधिकारी सट्टे के वर्चस्व को लेकर भिड़े। जमकर मारपीट हुई, FIR हुई। इसके बाद एक युवक की हत्या और दो युवकों को गोली मारने के मामले में मामला जेल तक पहुंचा। इसी दौरान भाजयुमो के एक नेता की हिस्ट्रीशीट भी खुली। 2025 (मैरिस रोड मारपीट): गुटबाजी इस कदर बढ़ी कि भाजयुमो नेताओं ने अपनी ही पार्टी के SC मोर्चा नेता राकेश सहाय को सरेराह पीटा। इसका मामला भी दर्ज हुआ, लेकिन कोई कठोर संगठनात्मक कार्रवाई नहीं हुई। 2026 (सराय हकीम फायरिंग): 12 मार्च को वर्चस्व की लड़ाई में दो गुटों ने एक-दूसरे पर गोलियां चलाईं। रील बनाने और महानगर अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर मूंछ की लड़ाई अब पुलिस की फाइल में है। दोषियों की कोई पार्टी नहीं होती् सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अपराधी की न कोई जाति होती है, न बिरादरी और न ही कोई पार्टी। सराय हकीम में फायरिंग करने वाले किसी भी आरोपी बख्शा नहीं जाएगा। पार्टी की छवि धूमिल करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम होगा। समन्वय बनाकर विवाद खत्म किया जाएगा जिलाध्यक्ष भाजपा कृष्णपाल सिंह लाला का कहना है कि सराय हकीम की घटना में पार्टी के युवा पदाधिकारी और कार्यकर्ता हैं। इस घटना पर संगठन काफी गंभीर है। इस समस्या का समाधान समन्वय बनाकर किया जाएगा।

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