मेरठ के परतापुर में लग्जरी गाड़ियों से भरा एक कंटेनर पकड़कर पुलिस ने सीज कर दिया। बताया जाता है कि कंटेनर में जो गाड़ियां थी, चालक उनके कागजात नहीं दिखा पाया। इसके बाद पूरे कंटेनर को ले जाकर यार्ड में खड़ा करा दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले में छानबीन कर रही है। रात के अंधेरे में उतारी जा रहीं थी कारें
नेशनल हाईवे 58 पर शुक्रवार देर रात पुलिस गश्त पर थी। इसी दौरान थाने की फैंटम ने एक ढाबे के निकट कंटेनर से गाड़ियों को उतरते देखा। पुलिसकर्मियों ने वहां मौजूद शख्स से पूछताछ की तो उसने अपना नाम आबिद मलिक बताया। पुलिसकर्मियों ने गाड़ी के कागजात मांगे तो वह दिखा नहीं पाया। इसके बाद पुलिस ने कंटेनर सीज कर दिया। वाहनों के यार्ड में खड़ा किया कंटेनर
परतापुर थाना प्रभारी ने बताया कि काफी देर पुलिस ने आबिद से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया कि गाड़ी किसके लिए लायी गई थी। उससे कागजात मांगे गए तो वह बगलें झांकने लगा। मजबूर होकर रात में ही कंटेनर सीज करना पड़ा और उसे यार्ड में भिजवा दिया गया। हैदराबाद से मेरठ आया था कंटेनर
अभी तक की छानबीन में जो बात सामने आ रही है, वह यह है कि इस कंटेनर को हैदराबाद से यहां भेजा गया था। पुलिस ने कंटेनर खुलवाकर देखा तो उसमें लग्जरी गाड़ियों में शुमार रेंजरोवर, मर्सिडीज, बलीनो व सेल्टोज शामिल है। पहले से ही पंजीकृत हैं कारें
पुलिस की मानें तो रेंज रोवर कार की कीमत दो करोड़ रुपये है जो टचग्रीन इंडस्ट्रीज राजीव नगर गुरुग्राम के नाम पर पंजीकृत है। मर्सिडीज के मालिक का नाम पीयूष जैन है और उनका पता देवी गार्डन हैदराबाद है। इसी तरह सेल्टोस हैदराबाद के गोलकुंडा स्थित कालोनी अजीज बाग के मोहम्मद जीशान और बलीनो हैदराबाद के ही अली नगर किशन बाग निवासी रेशमा मलिक पत्नी शहजाद मलिक के नाम पर रजिस्टर्ड है। शनिवार को नहीं हुआ कोई संपर्क
चार लग्जरी गाड़ियों के आने के बाद खलबली मची है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आखिर किसके द्वारा यह कारें मंगाई गई थीं। थाना प्रभारी अजय शुक्ला ने बताया कि शनिवार को किसी ने भी पुलिस से संपर्क नहीं किया। आबिद को शुरुआती पूछताछ के बाद छोड़ा गया है। जल्द आगे की कार्रवाई शुरु होगी।

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