मथुरा के कोसीकलां में प्रसिद्ध गौ रक्षक संत चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की निर्मम हत्या ने पूरे देश के संत समाज को झकझोर दिया है। इस घटना पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े ने गहरा रोष व्यक्त किया है। संतों ने न केवल हत्यारों को कड़ी सजा देने की मांग की है, बल्कि राष्ट्र और गौ रक्षा के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने का भी ऐलान किया है। ‘दुष्टों को सबक सिखाएंगी मां जगदंबा’ : महंत हरि गिरि
अखाड़ा परिषद के महामंत्री और जूना अखाड़े के संरक्षक महंत हरि गिरि ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि नवरात्रि के पावन समय में एक कर्मठ और जुझारू गौ सेवक की हत्या समाज के लिए कलंक है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “फरसा वाले बाबा की हत्या में शामिल एक भी अपराधी बच नहीं पाएगा। मां जगदंबा इन दुष्टों को सबक सिखाएंगी।” उन्होंने शासन-प्रशासन से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।
हिंदू स्वाभिमान यात्रा का होगा शंखनाद
जूना अखाड़े के नवनियुक्त जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि नंद गिरी महाराज ने इस हत्याकांड को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि गौ रक्षा के साथ-साथ गौ रक्षकों की रक्षा भी सुनिश्चित की जाए। स्वामी चक्रपाणि ने एक बड़े अभियान की घोषणा करते हुए कहा वे जल्द ही जूना अखाड़े की ओर से पूरे देश में ‘हिंदू स्वाभिमान यात्रा’ निकालेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य राष्ट्र रक्षा, गौ रक्षा, धर्म रक्षा और संतों की सुरक्षा के लिए जन-जागरण करना होगा। सनातन को बचाने के लिए अखाड़े हमेशा आगे रहे हैं, और एक बार फिर हमलों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू होगा। स्वामी चक्रपाणि ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक सजग संत बताते हुए भरोसा जताया कि यूपी सरकार हत्यारों को नहीं बख्शेगी। हालांकि, उन्होंने इस मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से गौ हत्या विरोधी केंद्रीय कानून बनाने की मांग की। उन्होंने याद दिलाया कि 1966 में स्वामी करपात्री महाराज के नेतृत्व में उठी यह मांग आज भी अधूरी है, जिसे पूरा करना अब अनिवार्य है।

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