बुलंदशहर में साइबर ठगों ने एक 76 वर्षीय बुजुर्ग महिला को करीब 10 घंटे तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर 25 लाख रुपये ठगने का प्रयास किया। हालांकि, जनपदीय साइबर सेल की सक्रियता से यह बड़ा फ्रॉड नाकाम कर दिया गया। यह घटना 20 मार्च की शाम की है। अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) नरेश कुमार को एक महिला ने फोन कर अपनी परिचित के संदिग्ध व्यवहार की जानकारी दी। सूचना मिलते ही साइबर सेल टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पीड़िता की लोकेशन ट्रेस की और मौके पर पहुंचकर उसे ठगों के चंगुल से मुक्त कराया। कोतवाली नगर क्षेत्र की आवास-विकास कॉलोनी में रहने वाली बुजुर्ग महिला को ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर व्हाट्सएप कॉल की। उन्होंने महिला को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाया। ठगों ने महिला को बताया कि उसके खाते में 25 लाख रुपये संदिग्ध हैं। उन्होंने महिला के मोबाइल में सिग्नल ऐप इंस्टॉल कराया और उसे हर घंटे ‘I AM SAFE’ मैसेज भेजने के लिए मजबूर किया, ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके। ठगों ने फर्जी एफआईआर, सीबीआई और इंटरपोल नोटिस भेजकर महिला को भयभीत किया। उन्होंने पीड़िता से एक प्रार्थना पत्र भी लिखवाया। इसी दौरान साइबर टीम ने हस्तक्षेप करते हुए महिला का फोन सुरक्षित कराया और बैंक अधिकारियों से समन्वय कर खाते को भी सुरक्षित कर दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। इस मामले में साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पीड़िता ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।

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