काशी में चैत्र नवरात्र के चतुर्थ दिवस को माँ श्रृंगार गौरी के दर्शन की प्राचीन परंपरा है। इस दिन काशी के निवासी तथा देश-विदेश से आए श्रद्धालु माँ श्रृंगार गौरी के दर्शन हेतु बड़ी संख्या में उपस्थित होते हैं। परंपरा के सफल आयोजन के संदर्भ में आज श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, स्थानीय पुलिस प्रशासन एवं दर्शनार्थियों के प्रतिनिधियों के मध्य एक समन्वय बैठक आयोजित की गई। मंदिर न्यास ही देगा श्रद्धालुओं को देगा चुनरी और नारियल बैठक में दर्शन के लिए निर्धारित मार्ग, श्रद्धालुओं की अनुमानित संख्या तथा उनकी समुचित व्यवस्था पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि माँ श्रृंगार गौरी के दर्शन हेतु आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुव्यवस्थित व्यवस्था श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा की जाएगी साथ ही पूजा सामग्री जैसे डमरू, घंटी, शंख, नारियल एवं चुनरी की व्यवस्था भी मंदिर न्यास द्वारा ही सुनिश्चित की जाएगी। ज्ञानवापी मुक्ति की करेंगे कामना गुलशन कपूर ने कहा – वर्ष 2005 से अपने सभी साथियों के साथ सामुहिक दर्शन पूजन करने का अधिकार (अनुमति) प्राप्त हुआ था जो अभी तक जारी है और प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी हम सभी चौक स्थित पुराने सिनेमा हॉल चित्रा पर 11:30 बजे एकत्रित होकर माता के दर्शनों हेतु जाएगें। उन्होंने कहा कि हमारा तो मां से यही कामना है कि प्रतिदिन उनके दर्शन पूजन करने का लाभ हम सभी भक्तों को मिल सके।

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